अलीगढ़-दिल्ली हाईवे पर रविवार तड़के हुए हादसे में जिन चार लोगों की मौत हुई, उनमें रविंद्र भी शामिल था। जिस जगह उसकी हादसे में मौत हुई, वह उससे काफी आगे निकल गया था और साथियों के कैंटर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पर लौटकर जा रहा था, इस दौरान रास्ते में हुए हादसे में उसकी भी मौत हो गई।
वह हाईवे पर दिल्ली जाने वाली सड़क की ओर था, लेकिन यह दुर्योग ही है कि मौत दूसरी ओर उसका इंतजार रही थी। रविवार रात को मारहरा से पशु व्यापारी दो कैंटरों में बकरे लादकर एक साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए। जिस कैंटर में रविंद्र सवार था, वह अलीगढ़ में काफी आगे निकल गया था।
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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन
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घायल यशवीर ने बताया कि वह और अन्य लोग नींद में थे, कैंटर कुछ देर रुका रहा तो उन्होंने चालक से वजह पूछी, जिस पर उसने बताया कि सीएनजी खत्म हो गई गई है। पीछे आने वाले कैंटर से अपने कैंटर को खिंचवा कर पंप तक ले जाएंगे।
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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन
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हादसे की सूचना पर ट्रैक्टर ट्रॉली से घटनास्थल जा रहे थे लोग
इसी बीच फोन आया कि जिस कैंटर का इंतजार कर रहे है, वह हादसे का शिकार हो गया है। इसके बाद रविंद्र और अन्य लोग सड़क पार कर दूसरी ओर पहुंच गए। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक मोनू निवासी चैंडोली खुर्द अतरौली ने बताया कि ईंटें उतराने के बाद वह हैंडपंप पर पानी पी रहा था, तभी यह लोग उसकी ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार हो गए, पूछने पर बताया कि उनकी एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, उन्हें वहां जाना है।
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गमगीन परिजन
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रास्ते में इस ट्रैक्टर ट्राली में भी एक कंटेनर ने टक्कर मार दी और रविंद्र की मौत हो गई और अन्य लोग घायल हो गए। रविंद्र के शव को परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए घर ले गए। पुलिस ने सूचना मिलने पर उसके शव का एटा में पोस्टमार्टम कराया।
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पंचनामा करती पुलिस
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मौत का कारण- पसलियां टूटना, ब्रेन हेमरेज
अलीगढ़ में हजारीलाल, अमर और हरीशचंद्र के शवों का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की मौत का कारण पसलियों का बुरी तरह से टूटना, ब्रेन हेमरेज के साथ शरीर से बहुत ज्यादा खून निकल जाना पाया गया है।