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रिपोर्ट: एएमयू हिंसा के बाद कैंपस सफाई के दौरान मिला छात्र का कटा हुआ अंगूठा
Fri, 27 Dec 2019 09:58 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Fri, 27 Dec 2019 09:58 AM IST
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून का अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों ने भी जमकर विरोध किया। हालांकि उन्होंने पहले तो शांतिपूर्ण तरीके से ही शुरूआत की, लेकिन जामिया विश्वविद्यालय में भड़की हिंसा का असर उनपर भी दिखा। 15 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान एएमयू के छात्र भी उपद्रव मचाने लगे। इस विरोध के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प में लाठीचार्ज, फायरिंग और आंसू गैस तक की खबर आई।
AMU
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद छात्रों और सांस्कृतिक फोरम की ओर से आरोप लगाया गया कि इसके चलते एक छात्र के सिर पर गंभीर चोट लगी और सैकड़ों अब भी घायल हैं। जख्मी छात्रों को ढंग से इलाज भी नहीं मिल पाया। रातोंरात हॉस्टल खाली करवा दिए गए। इस दौरान कश्मीर व अन्य राज्यों के छात्र-छात्राओं के पास घर जाने की टिकट तक नहीं थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने न केवल बर्बरतापूर्वक छात्रों की आवाज को दबाया बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैया भी बेहद खराब रहा। छात्राओं की सुरक्षा तक को ध्यान में नहीं रखा गया।
amu protest
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव व कविता कृष्णन ने कारवां ए मोहब्बत और इंडियन कल्चरल फोरम की इस घटना की रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट एएमयू के नंदिनी सुंदर, जॉन दयाल, विमल, अंकिता रामगोपाल, सुमित कुमार गुप्ता, इशिता मेहता, वरना बालाकृष्णन, सैयद मोहम्मद जहीर अनवर हक व संदीप यादव ने तैयार की है। योगेंद्र यादव ने कहा कि सीएए, एनआरसी व एनपीआर पर विरोध करने पर छात्र पुलिस स्टेशन के धक्के खा रहे हैं। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र पुलिस लाठीचार्ज में सबसे अधिक जख्मी हुए। कैंपस में 11 दिसंबर को भूख हड़ताल, कक्षाओं का बहिष्कार, शांतिपूर्वक विरोध मार्च हुआ था। अचानक दो दिन के बाद पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज, गोली, आंसू गैस का प्रयोग किया।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
धर्म के आधार पर छात्रों को पीटा
इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्रों पर धर्म के आधार पर लाठीचार्ज किया गया। मुस्लिम छात्रों को पुलिस ने सीधा निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग भी किया। पुलिस के साथ सादी वर्दी वाले युवाओं ने कैंपस में तोड़फोड़, वाहनों में आग आदि भी लगायी।
इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्रों पर धर्म के आधार पर लाठीचार्ज किया गया। मुस्लिम छात्रों को पुलिस ने सीधा निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग भी किया। पुलिस के साथ सादी वर्दी वाले युवाओं ने कैंपस में तोड़फोड़, वाहनों में आग आदि भी लगायी।
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कैंपस सफाई में मिला कटा अंगूठा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जख्मी छात्रों को चिकित्सा भी मुहैया नहीं करवायी गयी। कैंपस बंद होने के बाद सफाई जब परिसर की सफाई हो रही थी तो, खाली कारतूस, और आंसू गैस के डिब्बों के साथ एक कटा हुआ अंगूठा भी मिला जो किसी छात्र का है।