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कोरोना संकट के बीच प्रचंड गर्मी में पानी के लिए जूझ रही 'जिंदगानी', यह है आगरा की कहानी
Wed, 27 May 2020 12:14 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 27 May 2020 12:14 AM IST
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धूप में पानी लेकर जाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
एक तरफ कोरोना संकट, दूसरी तरफ प्रचंड गर्मी...इन सबके बीच आगरा में हजारों पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। मंगलवार को लगभग 80 हजार लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए बाल्टी लेकर भटकते रहे। दरअसल, नौलक्खा जोनल पंपिंग स्टेशन से जुड़ी कॉलोनियों में पानी नहीं पहुंचा। इसकी वजह रही छीपीटोला में 30 इंच की पाइप लाइन का लीक हो जाना। उधर, यमुनापार में जलसंकट बरकरार रहा।
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सबमर्सिबल और टैंकरों पर निर्भर लोग
- फोटो : अमर उजाला
छीपीटोला में मंगलवार शाम को लीकेज लाइन में केमिकल लगाकर उसे सील कर दिया गया। मरम्मत के कारण शाम को छावनी क्षेत्र के सभी आठ वार्डों और नौलक्खा क्षेत्र से जुड़े कॉलोनियों को पानी की सप्लाई बंद रही। जलकल विभाग के महाप्रबंधक आर एस यादव ने बताया कि मंगलवार को सुबह से ही लाइन पर काम शुरू कर दिया गया था। सुबह आपूर्ति देने के बाद दोपहर में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई और लीकेज की मरम्मत का काम शुरू हुआ।
पानी लेकर जाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
यमुनापार में टैंकरों का इंतजार करते रहे लोग
यमुनापार के नारायच क्षेत्र में शोभा विहार में लोग पानी के लिए निजी टैंकरों के भरोसे हैं। ये टैंकर भी 3 से 4 दिन बाद बमुश्किल आते हैं। मंगलवार को लोग दोपहर तक इनका इंतजार करते रहे।
नारायच में पानी की टंकी से सप्लाई न मिलने के कारण यह समस्या बनी हुई है। कॉलोनी के लोगों ने जलकल विभाग से कई बार पानी के टैंकरों की मांग की लेकिन जलकल विभाग उन्हें टैंकरों के जरिए सप्लाई नहीं दे पाया। न ही नारायच पानी की टंकी पर प्रेशर बढ़ाया गया।
यमुनापार के नारायच क्षेत्र में शोभा विहार में लोग पानी के लिए निजी टैंकरों के भरोसे हैं। ये टैंकर भी 3 से 4 दिन बाद बमुश्किल आते हैं। मंगलवार को लोग दोपहर तक इनका इंतजार करते रहे।
नारायच में पानी की टंकी से सप्लाई न मिलने के कारण यह समस्या बनी हुई है। कॉलोनी के लोगों ने जलकल विभाग से कई बार पानी के टैंकरों की मांग की लेकिन जलकल विभाग उन्हें टैंकरों के जरिए सप्लाई नहीं दे पाया। न ही नारायच पानी की टंकी पर प्रेशर बढ़ाया गया।
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निर्मला देवी, प्रेमलता और रवि ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
सबमर्सिबल और टैंकरों पर निर्भर हैं
हमारे लिए पानी की समस्या सबसे बड़ी है। सुबह और शाम पानी के लिए 1 से 2 घंटे का समय बर्बाद करना होता है सबमर्सिबल से पानी ना मिले तो टैंकर पर ही निर्भर हैं - निर्मला देवी
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि हमारी समस्या को लेकर उदासीन है। कई बार उनसे और अधिकारियों से पानी मांग चुके हैं और प्रदर्शन भी किए हैं लेकिन हमें पानी नहीं मिल पा रहा - प्रेमलता
तनख्वाह का बड़ा हिस्सा पानी पर खर्च हो रहा है। पाइप लाइन के जरिए पानी मिले तो हमारी बड़ी मुश्किल दूर हो सकती है। पानी पर ही पूरा समय खर्च करना पड़ रहा है - रवि ठाकुर
हमारे लिए पानी की समस्या सबसे बड़ी है। सुबह और शाम पानी के लिए 1 से 2 घंटे का समय बर्बाद करना होता है सबमर्सिबल से पानी ना मिले तो टैंकर पर ही निर्भर हैं - निर्मला देवी
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि हमारी समस्या को लेकर उदासीन है। कई बार उनसे और अधिकारियों से पानी मांग चुके हैं और प्रदर्शन भी किए हैं लेकिन हमें पानी नहीं मिल पा रहा - प्रेमलता
तनख्वाह का बड़ा हिस्सा पानी पर खर्च हो रहा है। पाइप लाइन के जरिए पानी मिले तो हमारी बड़ी मुश्किल दूर हो सकती है। पानी पर ही पूरा समय खर्च करना पड़ रहा है - रवि ठाकुर
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गंगाजल (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
छावनी और नौलक्खा जोनल पंपिंग स्टेशन से पोषित क्षेत्रों में बुधवार सुबह से पानी पहुंचेगा। जलकल विभाग के अभियंता शिवराज वर्मा ने छीपीटोला में पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कराया। तेज धूप और गर्मी के कारण शाम तक काम पूरा हो पाया। लाइन सील करने के बाद फिलहाल उसे छोड़ दिया गया है ताकि सप्लाई चालू होने के बाद लीकेज का पता लगाया जा सके। बुधवार को मिट्टी भरकर काम पूरा किया जा सकेगा