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UP: उटंगन में मिल गया मौत का वो गड्ढा... जिससे अब तक मिलीं आठ लाशें, अभी फंसे हैं चार और शव; देखें तस्वीरें
Tue, 07 Oct 2025 10:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 07 Oct 2025 10:18 AM IST
सार
उटंगन नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान 12 लोग मौत के जिस गड्ढे में समा गए, वो सीन दोहराने की प्रक्रिया के दौरान मिल गया। इसी गड्ढे से अभी तक आठ लाशें मिल चुकी हैं। चार शव अभी भी फंसे हुए हैं, जिनको निकालने के लिए रेस्क्यू चल रहा है।
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उटंगन नदी हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उटंगन में डूबने की घटना का सोमवार को सीन दोहराया गया। हादसे के बाद बचाए गए विष्णु को मोटर बोट में बैठाकर जवान को नदी में चलवाया गया। जैसे-जैसे विष्णु बताता गया, जवान भी आगे बढ़ता गया। अचानक पानी का गहरा गड्ढा आने पर जवान के पैर थम गए। इसी स्थान पर अब तक आठ शव बरामद हो चुके हैं। वहीं चार की तलाश जारी है। इससे जिला प्रशासन और तलाशी अभियान में लगी टीमों को अंदाजा हो गया कि गड्ढे में ही सभी लोग फंसे थे।
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पानी में उतारा गया जवान
- फोटो : संवाद
पानी में उतारा गया जवान
पानी में एक जवान को खड़ा कर दिया गया। विष्णु से पूछा गया कि घटना के समय कैसे लोग अंदर गए थे। उसने बताया कि गांव से मूर्ति लेकर आने के बाद सबसे पहले किनारे पर आए। यहां पर पानी कम था इसलिए प्रतिमा को वहीं पर रख दिया। पांच युवक पानी में अंदर जाने लगे। यह देखना था कि पानी कहां पर ज्यादा है? सीन दोहराने के लिए एक स्कूबा डाइवर को नदी में चलाया गया, विष्णु मोटरबोट में बैठा था। वह आगे घटनास्थल की तरफ जवान को ले गया, जहां 12 लोग डूबे थे।
पानी में एक जवान को खड़ा कर दिया गया। विष्णु से पूछा गया कि घटना के समय कैसे लोग अंदर गए थे। उसने बताया कि गांव से मूर्ति लेकर आने के बाद सबसे पहले किनारे पर आए। यहां पर पानी कम था इसलिए प्रतिमा को वहीं पर रख दिया। पांच युवक पानी में अंदर जाने लगे। यह देखना था कि पानी कहां पर ज्यादा है? सीन दोहराने के लिए एक स्कूबा डाइवर को नदी में चलाया गया, विष्णु मोटरबोट में बैठा था। वह आगे घटनास्थल की तरफ जवान को ले गया, जहां 12 लोग डूबे थे।
रेस्क्यू करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच साथी चल रहे थे आगे
विष्णु ने बताया कि घटना वाले दिन पांच साथी आगे चल रहे थे। वह अचानक गड्ढे में गिर गए। उनके डूबने पर पीछे चल रहा वह और अन्य सात युवक बचाने के लिए पहले वाले युवकों की तरफ बढ़ गए मगर वो भी गड्ढे में डूब गए। वह इसलिए बच गया कि क्योंकि उसके हाथ में नदी में बनी दीवार का पत्थर आ गया। उसे गांव के एक अन्य युवक ने हाथ पकड़कर खींच लिया। सीन दोहराने के दाैरान उस स्थान पर जवान को पहले से गड्ढे के बारे में पता था। वह आगे बढ़ा तो गड्ढा आ गया। यह वही स्थान था, जहां से सभी शव बरामद किए गए हैं।
विष्णु ने बताया कि घटना वाले दिन पांच साथी आगे चल रहे थे। वह अचानक गड्ढे में गिर गए। उनके डूबने पर पीछे चल रहा वह और अन्य सात युवक बचाने के लिए पहले वाले युवकों की तरफ बढ़ गए मगर वो भी गड्ढे में डूब गए। वह इसलिए बच गया कि क्योंकि उसके हाथ में नदी में बनी दीवार का पत्थर आ गया। उसे गांव के एक अन्य युवक ने हाथ पकड़कर खींच लिया। सीन दोहराने के दाैरान उस स्थान पर जवान को पहले से गड्ढे के बारे में पता था। वह आगे बढ़ा तो गड्ढा आ गया। यह वही स्थान था, जहां से सभी शव बरामद किए गए हैं।
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उटंगन हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विष्णु की हालत खराब थी
नगर पंचायत खेरागढ़ के चेयरमैन सुधीर गर्ग ने बताया कि विष्णु की हालत खराब थी। उसका इलाज चल रहा है। उसे सीन दोहराने के लिए बुलाया गया। उसे दवा खिलाई गई थी। इसके साथ ही उसे पूरी निगरानी में रखा गया।
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नगर पंचायत खेरागढ़ के चेयरमैन सुधीर गर्ग ने बताया कि विष्णु की हालत खराब थी। उसका इलाज चल रहा है। उसे सीन दोहराने के लिए बुलाया गया। उसे दवा खिलाई गई थी। इसके साथ ही उसे पूरी निगरानी में रखा गया।
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उटंगन हादसा
- फोटो : संवाद
राजस्थान सरकार की लापरवाही ने बचाव अभियान को बनाया मुश्किल
राजस्थान सरकार की लापरवाही ने उटंगन नदी में डूबे लोगों की तलाश के लिए चल रहे बचाव अभियान को मुश्किल बना दिया। डीएम आगरा ने एक दिन पहले ही धौलपुर, भरतपुर और करौली के डीएम से बचाव अभियान के दौरान नदी में पानी नहीं छोड़े जाने का अनुरोध किया था, लेकिन धौलपुर प्रशासन ने पार्वती नदी से उटंगन में 2107 क्यूसेक पानी छोड़ दिया जिससे नदी का बहाव रोककर तलाशी अभियान चलाने की रणनीति फेल हो गई।
राजस्थान सरकार की लापरवाही ने उटंगन नदी में डूबे लोगों की तलाश के लिए चल रहे बचाव अभियान को मुश्किल बना दिया। डीएम आगरा ने एक दिन पहले ही धौलपुर, भरतपुर और करौली के डीएम से बचाव अभियान के दौरान नदी में पानी नहीं छोड़े जाने का अनुरोध किया था, लेकिन धौलपुर प्रशासन ने पार्वती नदी से उटंगन में 2107 क्यूसेक पानी छोड़ दिया जिससे नदी का बहाव रोककर तलाशी अभियान चलाने की रणनीति फेल हो गई।