ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराने के आदेश विकास प्राधिकरण को दिए हैं। इसके बाद इस परधि में आने वाले लोग परेशान हैं। रविवार को इनके हाथों में पोस्टर और चेहरों पर आक्रोश दिखा। नारा था हमारा रोजगार, हमारा अधिकार है। हमारी रोजी रोटी न छीनो... हमारे भी परिवार हैं। ये नजारा था पुरानी मंडी चौराहे का। जहां रोजगार उजड़ने से आक्रोशित व्यापारी मंत्री आवास कूंच के लिए एकत्र हुए थे। पुरानी मंडी पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए पैदल जुलूस निकाला। फिर बाइक रैली से केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री आवास पर पहुंचे। ज्ञापन सौंपते हुए करीब 30 हजार से अधिक परिवारों की आजीविका बचाने की गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
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Tajmahal: व्यापारियों का छलका दर्द-रोजी रोटी न छीनो... हमारे भी परिवार हैं
Mon, 03 Oct 2022 12:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 03 Oct 2022 12:01 AM IST
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आक्रोशित ताजगंज के कारोबारी
- फोटो : अमर उजाला
पुराना मंड़ी चौराहे पर जमा हुए कारोबारी
- फोटो : अमर उजाला
फाउडेंशन के अध्यक्ष नितिन सिंह ने बताया कि ज्ञापन देकर मंत्री से दो मांगे रखी थीं। एक उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखने के लिए सरकारी वकील मुहैया कराया जाए, दूसरी एडीए से दुकानें बंद करने के लिए मोहलत दिलाई जाए। उन्होंने बताया कि सरकार के खिलाफ वकील उपलब्ध कराने से मंत्री ने इनकार कर दिया है। वहीं, एडीए से समय अवधि बढ़वाने के संबंध में वार्ता करने का आश्वासन दिया है। वहां, मौजूद एमएलसी विजय शिवहर ने व्यापारियों की समस्या सुनने के बाद एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ से फोन पर वार्ता की। बीच का रास्ता निकालने की बात कही। इस दौरान होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौहान, रमेश वाधवा, ताहिरुद्दीन ताहिर, सचिन बंसल, इब्राहिम हुसैन जैदी आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
आक्रोशित ताजगंज के कारोबारी
- फोटो : अमर उजाला
कहां जाएंगे स्कूल के बच्चे
स्कूल संचालक आयुष गुप्ता ने कहा कि ताजमहल से 120 मीटर पर मेरा स्कूल संचालित है। 1966 में स्कूल खुला था। उसमें बच्चे पढ़ते हैं। एडीए ने स्कूल व दुकानें बंद करने का नोटिस दिया है। ऐसे में बच्चे कहां जाएंगे। तीन पीढ़ियों से यहां रोजगार कर रहे हैं। जिस दिन से आदेश आया है, पूरा परिवार परेशान है।
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एमएलसी से की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट में ही लगाएंगे गुहार
होटल संचालक सिद्धार्थ अरोरा ने बताया कि 'मैं 1980 से यहां होटल चला रहा हूं। पहले यहां सिनेमा हॉल था। करोड़ों रुपये का निवेश है। प्रोपर्टी बनाई है, एक झटके में सब खत्म होने जैसा लग रहा है। सुप्रीम कोर्ट ही जाएंगे। वहीं गुहार लगाएंगे। हमारा रोजगार नहीं उजाड़ा जाए। कोरोना में पहले ही आर्थिक रूप से नुकसान हो चुका है।'
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ताजगंज में दुकाने रहीं बंद
- फोटो : अमर उजाला