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सूर्यग्रहण के दौरान यहां यमुना स्नान से मिलता है राजसूय अश्वमेघ यज्ञ करने जैसा फल, यह है मान्यता
Wed, 25 Dec 2019 07:40 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन-मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन-मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 25 Dec 2019 07:40 AM IST
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Surya Grahan
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वृंदावन के अक्रूर घाट पर सूर्यग्रहण के दौरान यमुना में स्नान का विशेष महत्व है। हर साल इसी आस्था भाव से हजारों श्रद्धालुओं यहां स्नान के लिए आते हैं। इस बार 26 दिसंबर (बृहस्पतिवार) को सूर्यग्रहण पड़ रहा है, लेकिन अक्रूर घाट पर नगर निगम एवं पुलिस की ओर से सफाई व सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अफसरों ने घाट पर सफाई कराने की बात कही है।
अक्रूर घाट
- फोटो : अमर उजाला
सूर्यग्रहण के दौरान अक्रूर घाट पर यमुना स्नान करने का विशेष महत्व है। आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने बताया कि भगवान श्रीराम के अनुज शत्रुघ्न ने त्रेता युग में इस यमुना तट पर सूर्यग्रहण के समय यज्ञ किया था। इसके बाद यमुना स्नान किया था। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने अक्रूर ने इसी स्थान पर दिव्य दर्शन दिए थे। इसीलिए इसका नाम अक्रूर घाट पड़ा। पौराणिक मान्यता है कि सूर्यग्रहण के दौरान अक्रूर घाट पर स्नान करने से राजसूय अश्वमेघ यज्ञ करने जैसा फल प्राप्त होता है।
अक्रूर घाट के रास्ते पर कीचड़
- फोटो : अमर उजाला
अक्रूर घाट नगर निगम के अंतर्गत आता है। हजारों लोगों की इससे आस्था जुड़ी हुई है। इसके बावजूद इस पौराणिक स्थान पर प्रशासन को कोई ध्यान नहीं है। स्थानीय लोगों को कहना है कि इस क्षेत्र में वर्षों से नालियों की सफाई नहीं हुई। नालियों का गंदा पानी मार्ग पर आ रहा है। घाट पर मृत जानवर पड़े होने से दुर्गंध के कारण वहां खड़ा होना मुश्किल हो रहा है।
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यमुना में पड़ा मृत जानवर
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी भोला बघेल ने बताया कि नगर निगम की ओर से कभी भी सफाई व्यवस्था नहीं की गई। बच्चू सिंह ने कहा कि यमुना किनारे मृत जानवरों को लोग फेंक जाते हैं। इससे यमुना में स्नान करना मुश्किल भरा है। मुरली मनोहर ने बताया कि सीवर का पानी सीधे यमुना में जा रहा है। मार्ग पर प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं है।
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अक्रूर घाट पर खड़ी जेसीबी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
इस बार 26 दिसंबर को सूर्यग्रहण है। अक्रूर घाट पर सूर्यग्रहण के दौरान यमुना में स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे, लेकिन सफाई और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी का कहना है कि अक्रूर घाट पर जेसीबी से सफाई कार्य शुरू करा दिया है। मार्ग पर भी सफाई कार्य कराया जाएगा।