आगरा में सिकंदरा के बाद जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स से भी गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। घर-घर तक पहुंच रहे गंगाजल को व्यर्थ न बहाया जाए, इसलिए बिजली की तरह पानी के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाने की तैयारी है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ताजमहल के पास 142.6 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट मीटर लगाने काम शुरू भी कर दिया गया है। मई 2021 तक ताजमहल के पास 22,847 घरों तक स्मार्ट मीटर और पूरे दिन पानी देने की योजना शुरू करने का दावा किया गया है।
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गंगाजल का प्लांट
- फोटो : अमर उजाला
पानी के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की योजना का सबसे बड़ा फायदा ये है कि जितना गंगाजल उपयोग करेंगे, स्मार्ट मीटर से उतने का बिल का भुगतान करना होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ताजगंज में इसका काम शुरू हो चुका है। अब तक 40 किमी पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। यहां जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स से ताजगंज क्षेत्र तक 1200 मिमी की मेन राइजिंग बिछाई जानी है। ताजमहल के आसपास के नौ वार्डों के 22,847 घरों तक 24 घंटे पानी की उपलब्धता रहेगी।
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वाटर वर्क्स
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शुरू किए गए काम में 8 जगहों पर ओवरहेड टैंक बनाने का काम किया जाएगा। नई लाइन में जगह-जगह सेंसर सहित अन्य उपकरण लगे होंगे, जिससे लीकेज होने पर इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को हो जाएगी। आठ ओवर हेड टैंक बनाए जाएंगे। इनमें से दो जगहों पर टैंक बनाने का काम शुरू हो चुका है। बिजली की तरह ही पानी की लाइन भी स्काडा सिस्टम से जुड़ी होगी।
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गंगाजल
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सेंसरयुक्त अल्ट्रासोनिक वाटर मीटर लगाने का काम मई 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। 16 महीनों के अंदर पूरे होने वाले इस प्रोजेक्ट में हर घर में मीटर लगे होने से ऑनलाइन ही इसकी मॉनीटरिंग, बिलिंग और भुगतान हो सकेगा। नगर निगम में बने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में पानी की लाइन में लीकेज, पानी केउपयोग, मीटर में शिकायत, रियल टाइम मॉनीटरिंग की जाएगी।
आगरा स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ अरुण प्रकाश ने बताया कि ताजमहल के आसपास पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 24 घंटे पेयजल आपूर्ति का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। मीटर के मुताबिक ही पानी का बिल आएगा। सबसे बड़ी बात ये है कि इससे पानी की बर्बादी नहीं होगी। जितनी जरूरत है, लोग उतना ही पानी लेंगे।