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ये हैं कलयुग के 'श्रवण कुमार', 101 वर्षीय बूढ़ी मां को चारपाई की डोली में बैठाकर करा रहे तीर्थयात्रा
Wed, 07 Oct 2020 07:45 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 07 Oct 2020 07:45 PM IST
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मां को चारपाई की डोली में बैठाकर ब्रज की चौरासी कोस परिक्रमा कराते बेटे
- फोटो : अमर उजाला
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जहां एक तरफ कुछ लोग वृद्धाश्रमों में अपने बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे बेटे भी हैं, जो श्रवण कुमार के पद चिन्हों पर चलते हुए माता-पिता की सेवा में जुटे हैं। श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा से सेवा भाव की ऐसी ही तस्वीर सामने आई है। यहां दो बेटों ने 101 वर्षीय मां की इच्छा पूरा करने के लिए श्रवण कुमार की तरह ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा कराई।
मां को ब्रज की चौरासी कोस परिक्रमा कराते बेटे
- फोटो : अमर उजाला
नौहझील क्षेत्र के गांव फरीदमपुर निवासी जुगेंद्र सिंह और ज्वाला प्रसाद अपनी 101 वर्षीय बूढ़ी मां इंद्रवती देवी को चारपाई पर कंधों से उठाकर ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा कराई है। इनका कहना है कि उनकी मां की इच्छा थी कि वह पूरे परिवार के सदस्यों के साथ ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा लगाए।
इंद्रवती देवी
- फोटो : अमर उजाला
इंद्रवती देवी को उठने-बैठने में दिक्कत होती है। इसलिए बेटों ने चारपाई की डोली तैयार की और उस पर मां को बैठाकर पूरे परिवार के साथ चार अक्तूबर को मथुरा से परिक्रमा शुरू कर दी।
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इंद्रवती के पुत्र
- फोटो : अमर उजाला
इंद्रवती के पुत्र जुगेंद्र सिंह का कहना है कि उन लोगों ने मां को रास्ते में आने वाले ब्रज के तीर्थ स्थलों के दर्शन भी कराए। मां की इच्छा के अनुसार उनके साथ बहू श्यामवती देवी, बेटी नत्थो देवी, पौत्र चंद्रपाल सिंह, देव चौधरी, भगत सिंह, सतीश सिंह, पौत्री प्रीति चौधरी सहित 10 लोगों ने परिक्रमा लगाई।
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परिक्रमा करते श्रद्धालु (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को सौंख पहुंचने पर ज्वाला प्रसाद ने बताया कि दोनों भाई दो बार ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा लगा चुके हैं, मां के कहे अनुसार पूरे परिवार के साथ पहली बार आए। क्षेत्र में लोग इन बेटों की सराहना कर रहे हैं। मां भी हाथ उठाकर अपने बच्चों को आशीर्वाद दे रही है।