‘धरती के भगवान’ कहे जाने वाले डॉक्टरों का असंवेदनशील चेहरा सामने आया। इमरजेंसी के गेट पर मरीज इलाज के लिए तड़पते रहे, लेकिन डाक्टरों ने मुंह फेर लिया। तीमारदार बार-बार अपने मरीज की जान की दुहाई देते हुए भर्ती करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा। एसएन में रविवार को 40 से अधिक गंभीर हालत के मरीज पहुंचे। इसमें ब्रेन हैमरेज, सड़क दुर्घटना में घायल, पीलिया, लकवा के मरीज रहे। 108 एंबुलेंस सेवा तो कोई ऑटो में लेकर मरीजों को इलाज के लिए लाया। लेकिन हड़ताल के चलते डाक्टरों ने मरीजों को देखने से साफ मना कर दिया। गेट के अंदर तक नहीं घुसने दिया।
धरती के भगवान ने फेरा मुंह, हाथ जोड़ गिड़गिड़ाते रहे लोग
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फिरोजाबाद के सुरजीत को 108 एंबुलेंस लेकर आई थी। उसको ब्रेन हैमरेज बताया गया। एंबुलेंस में ही उसकी हालत बिगड़ गई। भाई अमित कुमार जान की दुहाई देते हुए मरीज को भर्ती करने के लिए कहता, लेकिन एक ने भी उसकी नहीं सुनी। जिला अस्पताल गया, वहां से भी लौटा दिया। हाथरस के आबिद अपनी पत्नी सोनी को किडनी में दिक्कत के चलते लाए थे। हाथरस के जिला अस्पताल ने उसे एसएन के लिए रेफर किया था। यहां आए तो हड़ताल के चलते भर्ती नहीं किया। आबिद ने सीनियर डाक्टरों से भी भर्ती करने की गुहार लगाई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
पीलिया की मरीज आसिया को लेकर उसका पति इश्तियार इमरजेंसी पहुंचा। पत्नी की हालत लगातार बिगड़ रही थी। इश्तियार डाक्टरों से पत्नी को भर्ती कर इलाज कराने के लिए गुहार लगाता रहा। डाक्टरों ने एक नहीं सुनी, कहा कि हड़ताल है, प्राइवेट हास्पिटल ले जाओ। गोबर की चौकी निवासी बीरी सिंह को लकवा मार गया। हालत खराब हुई तो परिजन ऑटो में लेकर इमरजेंसी लाए। यहां मरीज को अंदर नहीं घुसने दिया। तीमारदार मिथिलेश देवी ने वरिष्ठ डाक्टरों से भी इलाज के लिए भर्ती करवाने को कहा। उन्होंने भी साफ मना कर दिया।
बोदला की साजिदा मधुमेह की रोगी थीं। परिजनों ने बताया कि हालत बेहद बिगड़ गई है। एसएन लेकर आए, गेट के अंदर जाने लगे तो रोक दिया और लौटा दिया। कहा कि हड़ताल पर सभी डाक्टर हैं। यहां इलाज नहीं मिलेगा, कहीं और जाकर भर्ती कराओ। फिरोजाबाद से एंबुलेंस में माता-पिता अपने बच्चे सोमू को लेकर आए। इसको निमोनिया की शिकायत थी। पसलियां चल रही थी। डाक्टरों ने एंबुलेंस को अंदर नहीं आने दिया। हालत लगातार बिगड़ते देख परिजनों ने खूब दुहाई दी, लेकिन डाक्टर नहीं पसीजे।