{"_id":"5c6f93edbdec224bbb20a8d6","slug":"singers-performed-in-taj-mahotsav-2019","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ताज महोत्सव में बही सुर, संगीत और नृत्य की त्रिवेणी, कलाकारों ने बांधा समां, देखिए तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताज महोत्सव में बही सुर, संगीत और नृत्य की त्रिवेणी, कलाकारों ने बांधा समां, देखिए तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 22 Feb 2019 11:47 AM IST
विज्ञापन
1 of 7
ताज महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
ताज महोत्सव के मुक्ताकाशीय मंच पर गुरुवार को सुर, संगीत और नृत्य की त्रिवेणी बही। किसी ने ब्रज की होली के रंग बिखेरे तो किसी ने शास्त्रीय संगीत से माहौल को संजीदा किया। फिल्मी नगमों से लेकर कथक की प्रस्तुति सराही गई। देर रात तक लोग मुक्ताकाशीय मंच पर सांस्कृतिक झलकियों का आनंद लेते रहे।
2 of 7
ताज महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार
लखनऊ से आईं वंदना मिश्रा ने गीत ‘हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए..., मेरे रश्के कमर... और आज ब्रज में होरी रे रसिया...’ जैसे गीतों से दर्शकों को झुमाया। आशुतोष श्रीवास्तव ने गजल ‘वो ख्यालों में मेरे लिपटकर रोए होंगे...’, पंकज उधास के सदाबहार नगमे ‘चिट्ठी आई है चिट्ठी’ पेश किया।
3 of 7
ताज महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार
बनारस घराने के गायक ऋषि वरुण मिश्रा ने ‘जब पिया मेरे’..., कागा सब तन खइयो, दो नैना न खइयो...’ पेश कीं। काम्या त्रिपाठी ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी तो आन्शवना श्रीवास्तव ने होली गीत ‘रंग डारो...’ और गजल ‘किस तरह याद करूं...’ सुनाईं। सुभाष सक्सेना ने गजल ‘आग है, पानी है, मिट्टी है, हवा है मुझमें...’प्रस्तुत की। संजय विश्वकर्मा ने शास्त्रीय संगीत तो अथर्व चतुर्वेदी ने गीत गाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
ताज महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार
मुंबई से आए भजन गायक प्रेमप्रकाश दुबे ने भजन ‘प्रयाग नगरी संगम के तीरे...’ से माहौल को बदला। इसके बाद दिल्ली के आराध्य नृत्य संगीत संरचना समूह की कलाकार रचना यादव ने अपने साथियों के साथ कथक नृत्य की प्रस्तुति गणपति वंदना के साथ दी। इसके पहले लखनऊ घराने की कथक नृत्यांगना रश्मि मिश्रा ने शिव स्तुति से शुरुआत की।
विज्ञापन
5 of 7
ताज महोत्सव के मंच पर नृत्य करती कलाकार
ताज महोत्सव में परंपरागत कथक और अंत में फागुनी रंग बिखेरती होली की प्रस्तुति में मनमोहक भाव नृत्य किया। इसमें उन्होंने उठान, थाट, आमद, तोड़े, परण, गत भाव और लड़ी की प्रस्तुति से मन मोह लिया। तबले पर संतोष मिश्र ने संगत की। रश्मि पंड़ित बिरजू महाराज की शिष्या हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।