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ताज महोत्सव में बही सुर, संगीत और नृत्य की त्रिवेणी, कलाकारों ने बांधा समां, देखिए तस्वीरें

Fri, 22 Feb 2019 11:47 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 22 Feb 2019 11:47 AM IST
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singers performed in taj mahotsav 2019
ताज महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार
ताज महोत्सव के मुक्ताकाशीय मंच पर गुरुवार को सुर, संगीत और नृत्य की त्रिवेणी बही। किसी ने ब्रज की होली के रंग बिखेरे तो किसी ने शास्त्रीय संगीत से माहौल को संजीदा किया। फिल्मी नगमों से लेकर कथक की प्रस्तुति सराही गई। देर रात तक लोग मुक्ताकाशीय मंच पर सांस्कृतिक झलकियों का आनंद लेते रहे।
singers performed in taj mahotsav 2019
ताज महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार
लखनऊ से आईं वंदना मिश्रा ने गीत ‘हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए..., मेरे रश्के कमर... और आज ब्रज में होरी रे रसिया...’ जैसे गीतों से दर्शकों को झुमाया। आशुतोष श्रीवास्तव ने गजल ‘वो ख्यालों में मेरे लिपटकर रोए होंगे...’, पंकज उधास के सदाबहार नगमे ‘चिट्ठी आई है चिट्ठी’ पेश किया। 
singers performed in taj mahotsav 2019
ताज महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार
बनारस घराने के गायक ऋषि वरुण मिश्रा ने ‘जब पिया मेरे’..., कागा सब तन खइयो, दो नैना न खइयो...’ पेश कीं। काम्या त्रिपाठी ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी तो आन्शवना श्रीवास्तव ने होली गीत ‘रंग डारो...’ और गजल ‘किस तरह याद करूं...’ सुनाईं। सुभाष सक्सेना ने गजल ‘आग है, पानी है, मिट्टी है, हवा है मुझमें...’प्रस्तुत की। संजय विश्वकर्मा ने शास्त्रीय संगीत तो अथर्व चतुर्वेदी ने गीत गाए। 
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singers performed in taj mahotsav 2019
ताज महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार
मुंबई से आए भजन गायक प्रेमप्रकाश दुबे ने भजन ‘प्रयाग नगरी संगम के तीरे...’ से माहौल को बदला। इसके बाद दिल्ली के आराध्य नृत्य संगीत संरचना समूह की कलाकार रचना यादव ने अपने साथियों के साथ कथक नृत्य की प्रस्तुति गणपति वंदना के साथ दी। इसके पहले लखनऊ घराने की कथक नृत्यांगना रश्मि मिश्रा ने शिव स्तुति से शुरुआत की। 
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singers performed in taj mahotsav 2019
ताज महोत्सव के मंच पर नृत्य करती कलाकार
ताज महोत्सव में परंपरागत कथक और अंत में फागुनी रंग बिखेरती होली की प्रस्तुति में मनमोहक भाव नृत्य किया। इसमें उन्होंने उठान, थाट, आमद, तोड़े, परण, गत भाव और लड़ी की प्रस्तुति से मन मोह लिया। तबले पर संतोष मिश्र ने संगत की। रश्मि पंड़ित बिरजू महाराज की शिष्या हैं।
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