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जोंस मिल: अभिलेखों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही, बैनामों की जिल्द से फाड़े पेज, सरकारी रिकार्ड से नक्शा गायब
Wed, 23 Dec 2020 11:31 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 23 Dec 2020 11:31 AM IST
सार
- अभिलेखों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही
- रिकार्ड नहीं मिलने से दो सप्ताह की जांच में लगे पांच महीने
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जोंस मिल
- फोटो : अमर उजाला
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बैनामों की जिल्द बही से पेज फाड़े गए। उनकी जगह डुप्लीकेट पेज लगाए। सरकारी रिकार्ड से घटवासन का मूल नक्शा ही गायब हो गया। जांच के दौरान सजरा नक्शा व राजस्व अभिलेखों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस मामले में एडीएम प्रशासन ने किसी गहरे षड्यंत्र की आशंका जाहिर करते हुए जिलाधिकारी से एक अलग विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
जोंस मिल के इस हिस्से में हुआ था ब्लास्ट
- फोटो : अमर उजाला
जोंस मिल की जांच रिपोर्ट दो सप्ताह में एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव को पूरी करनी थी, लेकिन जांच में पांच महीने लग गए। इसकी वजह रिपोर्ट में उजागर करते हुए जांच समिति अध्यक्ष ने डीएम को बताया कि पहली बार घटवासन का बंदोबस्त फसली 1331 (सन 1952) में हुआ था। इसलिए 1331 फसली को आधार बनाकर जांच की गई। परंतु जांच के दौरान क्षेत्रीय लेखपाल सजल कुमार ने सजरा प्रस्तुत नहीं किया। राजस्व अभिलेखागार, आंग्ला अभिलेखागार, तहसील स्तरीय भूलेखागार, क्षेत्रीय अभिलेखागार में बंदोबस्त का नक्शा नहीं मिला। इस संबंध में तत्कालीन एसडीएम गरिमा सिंह ने भी नक्शा मौजूद नहीं होने की आख्या भेजी।
जोंस मिल की जगह
- फोटो : अमर उजाला
एडीएम प्रशासन ने राजस्व परिषद व राजकीय प्रिंटिंग प्रेस से नक्शा मंगाने के लिए राजस्व निरीक्षक को प्रयागराज भेजा तो वहां भी नक्शा उपलब्ध नहीं था। कहीं नक्शा नहीं मिलने पर चकबंदी विभाग के ड्राफ्टमैन को बुलाकर फसली 1285 के आधार पर फसली 1331 का डुप्लीकेट नक्शा ट्रेस किया गया। चकबंदी से प्रमाणित कराने के बाद इसके आधार पर जोंस मिल के खसरों की जांच व सर्वे किया गया है।
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जोंस मिल में पड़ा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
निबंधन अभिलेखागार में पेज फाड़कर हटाये
जांच के दौरान अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल द्वारा उपलब्ध कराई सूचना से संबंधित अभिलेखों की खोज के दौरान जांच टीम के सामने हैरान करने वाली सच्चाई आई। जिला निबंधक की जिल्द बही संख्या 50 में पेज नंबर 309, 310, 312, 381, 382, 383 और 387 से 394 तक मूल पेज गायब हैं। इनकी जगह इनसे मिलते जुलते दूसरे पेज चस्पा किए गए हैं। रिकार्ड से छेड़छाड़ मिलने पर जांच टीम ने किसी षड्यंत्र की आशंका जताई है।
जांच के दौरान अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल द्वारा उपलब्ध कराई सूचना से संबंधित अभिलेखों की खोज के दौरान जांच टीम के सामने हैरान करने वाली सच्चाई आई। जिला निबंधक की जिल्द बही संख्या 50 में पेज नंबर 309, 310, 312, 381, 382, 383 और 387 से 394 तक मूल पेज गायब हैं। इनकी जगह इनसे मिलते जुलते दूसरे पेज चस्पा किए गए हैं। रिकार्ड से छेड़छाड़ मिलने पर जांच टीम ने किसी षड्यंत्र की आशंका जताई है।
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
दो सप्ताह में शुरू होगी कार्रवाई
जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया है। भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई दो सप्ताह में शुरू हो जाएगी। नक्शा व रिकार्ड को दुरुस्त कराने के लिए राजस्व परिषद को प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रभु एन सिंह, जिला मजिस्ट्रेट
जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया है। भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई दो सप्ताह में शुरू हो जाएगी। नक्शा व रिकार्ड को दुरुस्त कराने के लिए राजस्व परिषद को प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रभु एन सिंह, जिला मजिस्ट्रेट