आगरा में दस्तावेज लेखक एवं प्रॉपर्टी डीलर हरेश पचौरी की हत्या के मुख्य आरोपी भानु प्रताप मुद्गल उर्फ बीपी के समर्पण के बाद परिजनों का पुलिस से भरोसा उठ गया है। उन्होंने बीपी के पुलिस से सांठगांठ करके समर्पण में सफल होने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई पर भरोसा नहीं है। शुक्रवार को परिजनों ने भूख हड़ताल का एलान कर दिया। हालांकि एसएसपी बबलू कुमार के आश्वासन के बाद भूख हड़ताल नहीं की। परिजनों ने शनिवार को घर के बाहर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया।
हरेश पचौरी हत्याकांड: पुलिस पर नहीं भरोसा, पीड़ित परिवार ने धरना प्रदर्शन कर जताया विरोध
राजेश्वर मंदिर के नजदीक रहने वाले हरेश पचौरी की हत्या 19 दिसंबर को राजपुर चुंगी चौराहे पर कर दी गई थी। हत्याकांड में नगला कली निवासी विष्णु प्रकाश रावत, भानु प्रताप मुदगल उर्फ बीपी और सुनील रावत के नाम सामने आए थे। एक सप्ताह पहले पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया था। विष्णु रावत और सुनील रावत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि बीपी हाथ नहीं आया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश देने का दावा कर थी। शुक्रवार को बीपी कोर्ट पहुंचा था। उसने एक साल पुराने मामले में समर्पण कर दिया था। उसके खिलाफ गालीगलौज और जान से मारने की धमकी में चार्जशीट लगी थी। बीपी के समर्पण के बाद पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
मृतक के भतीजे राहुल पचौरी ने बताया कि हत्याकांड में मुख्य आरोपी बीपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जानलेवा हमले के भी हैं। हत्याकांड में पुलिस भी उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश का दावा कर रही थी। मगर, उसने समर्पण कर दिया। इससे पुलिस से सांठगांठ होना साफ नजर आ रहा है। क्योंकि पूर्व के मुकदमों में भी फाइनल रिपोर्ट पुलिस लगा चुकी है। कभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इस पर परिजनों ने भूख हड़ताल का ऐलान किया था।
शुक्रवार को भूख हड़ताल की पोस्ट वायरल होने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार और सीओ सदर महेश कुमार पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्रवाई सख्त की जाएगी। एसएसपी से भी बात कराई। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश की बात कही। आश्वासन दिया कि सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पर परिजन भूख हड़ताल नहीं करने पर मान गए। हालांकि शनिवार को घर के बाहर ही धरना दिया। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। उन्होंने अपना आक्रोश व्यक्त किया।
दस्तावेज लेखक हरेश पचौरी को गोली मारने के लिए सुपारी शूटर सचिन कंजा ने ली थी। वह अपने साथी आकाश के साथ गोली मारने आया था। शूटर सचिन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दो टीम लगी हैं। मगर, वह अब तक फरार है।
परिजनों ने जताया जान का खतरा
राहुल पचौरी का कहना है कि बीपी के समर्पण करते ही उन्हें अपनी जान का खतरा नजर आ रहा है। क्योंकि पिछले दिनों कुछ लोग बाइक से क्षेत्र में आए थे। उनके बारे में पूछ रहे थे। कुछ लोगों ने इस बारे में बताया। इस कारण घर से निकलने में भी डर लग रहा है। अब फिर से हमला किया जा सकता है।