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बबलू यादव हत्याकांडः 'तो क्या दो साल में पकड़े जाएंगे कातिल'
Thu, 20 Jun 2019 03:13 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 20 Jun 2019 03:13 PM IST
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मृतक बबलू यादव का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मेरे भाई बबलू यादव की हत्या को 187 दिन हो चुके हैं। शूटरों ने हत्या को अंजाम दिया था। एसपी सिटी ने तीन दिन में खुलासे का आश्वासन दिया था। इसके बाद ही शव उठने दिया गया। हमने ही पुलिस को बदमाशों के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज उपलब्ध कराए। ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब मैं थाने, चौकी और अधिकारियों के दफ्तर नहीं जाता हूं। अब तो हद हो गई है, चाहें एडीजी हो या फिर डीआईजी सभी यह कहने लगे हैं कि किसी घटना के खुलासे का कोई समय नहीं होता। कई बार घटना को खुलने में तीन से चार साल लग जाते हैं। अधिकारी ही यह बात कहेंगे तो पीड़ित कहां जाएंगे। हमारे पास कोई चारा नहीं बचा है। अब तो अनशन पर बैठने के सिवाय कुछ नहीं है। यह कहते हुए विनीत भावुक हो जाते हैं।
बबलू यादव के पिता और भाई
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, विनीत यादव के प्रॉपर्टी डीलर भाई बबलू की 15 दिसंबर 2018 को सरेशाम होली पब्लिक स्कूल, सिकंदरा के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटनास्थल पर एसपी सिटी प्रशांत वर्मा, सीओ सहित पुलिस फोर्स पहुंची थी। घरवाले शव उठाने को राजी नहीं थे। खुलासे की मांग कर रहे थे। विनीत ने बताया कि एसपी सिटी ने तीन दिन में खुलासे का आश्वासन दिया। इसके बाद शव उठाया गया। इसके बाद वह भाई के हत्यारों को पकड़वाने के लिए हर दिन थाने जाते हैं। थाने पर दो से तीन घंटे बैठने पर इंस्पेक्टर बुलाते हैं। वह भी आश्वासन देकर घर भेजते हैं, लेकिन कुछ नहीं होता है। वह हफ्ते में एक बार एसएसपी, डीआईजी और एडीजी के पास भी गए, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन के सिवाय कुछ भी नहीं मिला।
बबलू यादव का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विनीत का कहना है कि इस हफ्ते वह एडीजी अजय आनंद से मिलने गए थे। मगर, एडीजी ने कहा कि बार-बार मत आया करो। कई बार खुलासे में दो से तीन साल भी लग जाते हैं। अगर, बदमाश पकड़े जाएंगे तो आपको बता दिया जाएगा। परिजनों का कहना है कि हत्यारोपियों न पकड़े जाने से हर समय डर रहता है। कहीं उन पर फिर से हमला न हो जाए। इस कारण बच्चों को पढ़ाई करने नहीं भेजते हैं। बबलू की बहन ने भी घर से निकलना बंद कर दिया है।
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बबलू यादव की मां
- फोटो : अमर उजाला
मैं क्या करूं, एक तरफ बेटे की मौत का गम है तो दूसरी बहू और पोती की जिम्मेदारी है। पुलिस कातिल नहीं पकड़ पा रही है। इस कारण दहशत में हैं। घर से निकलने में डर लगता है। परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस कुछ नहीं किया गया। हर घटनाओं का खुलासा किया जा रहा। मगर, मेरे बेटे के साथ हुई घटना का खुलासा क्यों नहीं हो रहा। क्या पुलिस कुछ नहीं कर सकती। यह दर्द है बबलू की मां सोन देवी का। उन्होंने रोते हुए यह बात कही।
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बबलू यादव की पत्नी बच्ची के साथ
- फोटो : अमर उजाला
बबलू यादव की पत्नी शिल्पी हर पल अपने पति के कातिलों के पकड़े जाने के लिए प्रार्थना करती है। अब तो उसकी दो महीने की बेटी भी है। शिल्पी कहती है कि कम से कम बेटी को तो न्याय मिले। उसके पिता के कातिल पकड़े जाएं।