आगरा में यमुनापार इलाके से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गैंग की सरगना हॉस्पिटल की नर्स सरिता और उसके साथी धीरज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस एजेंटों की तलाश में लगी है। सरिया के पास से चार मोबाइल और धीरज के पास से एक मोबाइल मिला था। अब पुलिस पांचों मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाएगी, जिससे एजेंटों के नाम पता किए जा सकें। वहीं सरिता को शरण देने वाले डॉक्टर सहित मुरैना के पंकज की तलाश की जा रही है।
भ्रूण लिंग परीक्षण प्रकरण: नर्स सरिता के मोबाइल से खुलेंगे कई राज, पुलिस खंगालेगी कॉल डिटेल
एसटीएफ ने शनिवार शाम को अछनेरा के रैपुरा अहीर और ट्रांस यमुना कॉलोनी से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गैंग की सरगना नर्स सरिता, धीरज के अलावा योगेंद्र उर्फ बनिया, योगेंद्र, बंटी, रंजीत, भरत सिंह को गिरफ्तार किया था। वहीं अछनेरा निवासी भरत को भी पकड़ा था। वह गर्भवती पत्नी का भ्रूण लिंग परीक्षण करा रहा था। आरोपियों को रविवार को जेल भेजा गया था।
पुलिस ने आरोपी सरिता से चार मोबाइल बरामद किए थे। इनमें एक आईफोन भी शामिल था। एक फोन धीरज के पास मिला था। एसटीएफ के निरीक्षक हुुकुम सिंह के मुताबिक, सरिता और धीरज का संपर्क कई एजेंट से था। यह एजेंट ज्यादातर देहात के इलाकों में होते थे। वहां से महिलाओं से सौदा करते थे। इसके बाद सरिता और धीरज को बुलाते थे। एजेंट कमीशन लेते थे।
अब सरिता और धीरज के मोबाइलों की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। यह देखा जा रहा है कि वह किन लोगों के संपर्क में थे। इसके बाद अन्य आरोपियों के बारे में पता चलेगा। वहीं फरार आरोपी डॉक्टर राजीव कुमार और मुरैना के पंकज की तलाश की जा रही है। दोनों फरार हो गए हैं। राजीव कुमार के घर में ही नर्स रह रही थी।
भ्रूण लिंग जांच के मामले में बीते पांच साल में छह चिकित्सक और चार झोलाछाप पकड़ में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह बेटा-बेटी बताने के लिए लक्ष्मी-गणेश और नंबर 6 और का इस्तेमाल करते थे।
लक्ष्मी-गणेश : भ्रूण लिंग जांच में शामिल डॉक्टर गर्भ में बेटा है बेटी, इसकी जानकारी देने के लिए लक्ष्मी-गणेश कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे। बेटी पर लक्ष्मी और बेटा पर गणेश बोलते।
नंबर 9 और 6: भ्रूण लिंग जांच के लिए कोड वर्ड के लिए नंबर 6 और 9 का इस्तेमाल करते थे। भ्रूण में बेटी होने पर फार्म पर 9 लिखते, इसका मतलब गर्ल के जी अल्फावेट था, लड़का होने पर नंबर 6 जिसका मतलब ब्वाय का बी अल्फाबेट था।