आगरा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंचल कुमार तिवारी को पहले से जान का खतरा था। डेढ़ साल से वो परिजन से कहते थे कि कोई उनका पीछा करता है। मगर, माता-पिता की मौत की वजह से तनाव में होने की आशंका को लेकर परिजन ने ध्यान नहीं दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद परिजन अब कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Agra: किसने की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या ? सदमे में बहनें, बोलीं- डेढ़ साल से कोई कर रहा था भाई का पीछा
अंचल कुमार की बड़ी बहन अनुपमा का घर सिकंदरा के शास्त्रीपुरम में है। चार साल से वह नोएडा में रह रही हैं। बेटा पढ़ाई कर रहा है। इस वजह से वहां पर रहती हैं। छोटी बहन मीनाक्षी लवानिया का घर शमसाबाद मार्ग पर है। वह गुरुग्राम में रह रही हैं। एक दिसंबर को अंचल अनुपमा से मिले थे। अंचल कुमार दो दिसंबर को मीनाक्षी के पास गए। चार दिसंबर को घर आने के लिए निकले थे। रविवार को थाना सदर की पुलिस मृतक इंजीनियर के घर पहुंची। परिजन से पूछताछ की। घटना की जानकारी ली। बहनों ने पुलिस को बताया कि मां की चार साल तो पिता की डेढ़ साल पहले कोरोना काल में मृत्यु हो गई थी। माता-पिता की मौत के बाद से अंचल अकेले रहते थे। उनका कोई दोस्त भी नहीं था।
बहनों ने पुलिस को बताया कि भाई अकेले रहने के दौरान तनाव में रहने लगे थे। इस कारण वो रोजाना भाई से बात करती थीं। वह जब भी घर आते थे तो किसी अजनबी व्यक्ति की आहट को लेकर आशंकित रहते थे। वह अपने पीछे कुछ लोगों के पड़े होने के बारे में कहते थे। उन्हें हत्या की आशंका जाहिर करते थे। इस पर लग रहा था कि भाई माता-पिता की मौत के बाद से अकेले रहने की वजह से यह बात करते हैं। उन्हें किसी तरह का बहम हो गया है। इसलिए मनोचिकित्सक को दिखाने की सलाह दी थी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर बहनों ने जांच की मांग की। भाई को जान का खतरा था तो वो लोग कौन हैं? भाई ने कभी किसी का नाम नहीं बताया था।