आगरा की आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-4 मोड़ हनुमान मंदिर के सामने टूटी पुलिया में गिरे बाइक, स्कूटी सवार और घोड़ी के गिर जाने के बाद जल निगम और नगर निगम दोनों ने इस गड्ढे से अपना पल्ला झाड़ लिया है। हादसे के बाद नगर निगम ने इसे जल निगम के सीवर नेटवर्क का हिस्सा बताया तो जल निगम ने इसे नगर निगम के नाले की पुलिया करार दिया। दोनों विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, लेकिन पुलिया का निर्माण किसी ने शुरू नहीं किया। पुलिस ने यहां बैरिकेडिंग कर दी। अब दोनों ओर का ट्रैफिक एक ही सड़क से निकल रहा है, लेकिन निर्माण को लेकर दोनों विभाग पूछ रहे हैं कि ये किसका गड्ढा है ?
आगरा में यह गड्ढा किसका है: नगर निगम-जल निगम ने झाड़ा पल्ला, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर छोड़ा
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जलनिगम प्रोजेक्ट मैनेजर यदुनाथ सिंह ने कहा कि सेक्टर-4 मोड़ पर नाली की पुलिया है ना कि सीवर की। मैंने दिसंबर में ही अपने अधिकारियों से निरीक्षण के दौरान खुले पड़े नाले पर आपत्ति जताई थी। नगर निगम के अधिकारियों को पुलिया निर्माण के लिए कहा भी था। यह सीवर का हिस्सा नहीं है। सड़क के नीचे से निकल रही नाली की पुलिया टूटी है।
आवास विकास कालोनी सेक्टर 4 और किशोरपुरा-जगदीशपुरा के लोग इस सड़क से निकलते हैं। दिसंबर से अब तक 7 माह से वह एक लेन पर ही चल रहे हैं। डबल चैनल रोड की एक लेन 7 माह से बंद है। पुलिया का निर्माण न नगर निगम कर रहा, न जलनिगम। ऐसे में क्षेत्री लोगों में दोनों हादसों को लेकर बेहद नाराजगी है।
फुलट्टी में मैनहोल की बेरीकेडिंग की, ढक्कन नहीं रखा
फुलट्टी में गुरुवार को बुजुर्ग के मैनहोल में गिर जाने की घटना के बाद इसके चारों ओर प्लास्टिक के ट्रैफिक बैरिकेडिंग कोन रखवा दिए गए, लेकिन मैनहोल की मरम्मत कर ढक्कन रखने का काम फिर भी शुरू नहीं हुआ। क्षेत्रीय दुकानदार आशीष कुमार शर्मा ने बताया कि शाम को मैनहोल के चारों ओर ट्रैफिक कोन रखवा दिए गए थे, लेकिन इस पर ढक्कन नहीं रखा गया। यह बेहद खराब स्थिति है। फिर कोई हादसा हो जाएगा। बारिश में जलभराव के दौरान कोन तैरकर हट जाएंगे और फिर कोई न कोई इस गड्ढे में गिरकर मौत का शिकार बन सकता है।