{"_id":"634546cbcbbb366bf50a363e","slug":"officers-will-investigate-how-rats-ruined-4300-bighas-of-crops-in-etah","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UP News: एटा में चूहों ने बर्बाद की 4300 बीघा फसल या हकीकत कुछ और..., जांच करेंगे अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: एटा में चूहों ने बर्बाद की 4300 बीघा फसल या हकीकत कुछ और..., जांच करेंगे अधिकारी
Tue, 11 Oct 2022 04:04 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 11 Oct 2022 04:04 PM IST
विज्ञापन
चूहा
- फोटो : सांकेतिक चित्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा के राजा का रामपुर क्षेत्र में हाल ही में एक नहर का कटान होने से हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अपने बचाव में तर्क दिया कि नहर पटरी में चूहों ने छेद कर दिए थे, इस वजह से यह कट गई। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद इसकी जांच बैठा दी गई है।
नहर के पानी से खेत हुए जलमग्न
- फोटो : अमर उजाला
जब सिंचाई विभाग के अफसरों से नहर के कटान और किसानों की क्षतिपूर्ति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए। सहायक अभियंता सूर्य प्रसाद ने साफ कहा कि चूहों ने नहर पटरी में छेद कर लिए, इससे नहर का कटान हुआ। इसमें सिंचाई विभाग की ओर से क्षतिपूर्ति नहीं दी जा सकती।
किसानों ने पंपसेट लगाकर निकाला पानी
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा नहर की नियमित देखभाल और मरम्मत नहीं कराई जाती। पानी ओवरफ्लो होने से काफी दिन पहले से पटरी क्षतिग्रस्त हो रही थी। इसकी जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। इस पूरे मामले की खबर अमर उजाला में 6 अक्तूबर के अंक में प्रकाशित हुई। इस पर जिला प्रशासन ने एसडीएम जलेसर से जांच शुरू करा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कटी नहर
- फोटो : अमर उजाला
एसडीएम अलीगंज मानवेंद्र सिंह ने बताया कि अमर उजाला में चूहों द्वारा नहर काटे जाने की खबर प्रकाशित होने पर जिला प्रशासन द्वारा जांच सौंपी गई है। नहर कटान को लेकर तकनीकी जांच की जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों व गांववालों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
विज्ञापन
खेतों में भरा नहर का पानी
- फोटो : अमर उजाला
एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी ने बताया कि नहर कटने से किसानों की फसल बर्बाद हुई है, इसमें राजस्व विभाग की ओर से मुआवजा नहीं दिया जा सकता। सिंचाई विभाग की लापरवाही रही है तो उनसे ही मुआवजा दिलाया जाएगा।