मैनपुरी के अपर जिला जज की अदालत में हुए गोलीकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस वारदात की साजिश तिहरे हत्याकांड के आरोपी मनीष यादव ने रची थी। इसमें उसका साथ पत्नी और मामा ने दिया। साजिश का मकसद प्रेम विवाह करने वाले बहन-बहनोई को फंसाकर बदला लेना था। हैरत की बात यह कि अधिवक्ता की सलाह पर कोर्ट रूम का वारदात के लिए चुना गया था।
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अस्पताल में आरोपी से बात करते पुलिस अधीक्षक
- फोटो : अमर उजाला
एसपी अजय कुमार पांडेय ने मंगलवार को गोलीकांड का खुलासा कर दिया। एसपी ने बताया कि मनीष यादव के पिता सुखराम यादव ने पहली पत्नी सिद्धो देवी की मौत के बाद सुषमा देवी से दूसरी शादी की थी। पिता के नाम करीब 14 बीघा जमीन थी, जिसे सुषमा अपने बेटे अभिषेक यादव के नाम कराना चाहती थीं। इसी के चलते नौ अक्तूबर 2012 को मनीष यादव ने अपने मामा विनोद यादव और सतीश यादव सहित छह साथियों की मदद से पिता, सौतेली मां, सौतेले भाई की हत्या कर दी थी।
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हत्यारोपी मनीष
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मनीष की दो बहनें अर्चना और रचना हैं। बड़ी बहन अर्चना की शादी वर्ष 2008 हो चुकी है। ऐसे में पैतृक संपत्ति पर हक मनीष के साथ ही अविवाहित बहन रचना का हो गया। छोटी बहन रचना ने 2018 में प्रिंस निवासी गांव नगला खिरिया थाना दन्नाहार के साथ प्रेम विवाह कर लिया। शादी से पहले प्रेमी प्रिंस के कहने पर रचना ने करीब दो बीघा जमीन छह लाख रुपये में बेची थी।
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घटना के बाद कोर्ट परिसर में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
एसपी के अनुसार मनीष से तय हुआ कि बेची गई जमीन के रुपयों से रचना उसकी मदद करेगी, लेकिन रचना ने ऐसा नहीं किया। उसने मनीष के खिलाफ ही गवाही दी और प्रेमी प्रिंस से शादी कर ली। रचना ने शादी के बाद करीब साढ़े चार बीघा जमीन अपने ताऊ को बेच दी, जिसका मुकदमा एसडीएम करहल की न्यायालय में चल रहा है।
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कोर्ट परिसर में पुलिस
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एसपी के अनुसार बहनोई प्रिंस और बहन रचना से बदला लेने और समझौते के लिए दबाव बनाने को ही मनीष ने साजिश रची। वो प्रिंस को फंसाना चाहता था, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। एसपी ने बताया कि मनीष की पत्नी सीमा यादव ने बताया कि दीवानी के ही एक अधिवक्ता ने कोर्ट रूम में गोली मारने की सलाह दी थी। सीमा ने उसे तमंचा लाकर दिया था।