'धरतीपुत्र' मुलायम सिंह यादव का आगरा मंडल के होने के कारण आगरा से खासा जुड़ाव था। 1992 में समाजवादी पार्टी की स्थापना के बाद से ही आगरा उनके लिए बेहद लकी साबित हुआ। मुलायम सिंह यादव ने जब-जब आगरा में पार्टी की बैठक, अधिवेशन किया, तब तब उनकी सत्ता आई और वह सफलता की सीढ़ियां चढ़े। समाजवादी पार्टी बनने के बाद 1993 में जब आगरा में उन्होंने अधिवेशन किया, तब उनकी सूबे में सरकार बनी। इसके बाद साल 2003 में आगरा में जीआईसी मैदान पर अधिवेशन के बाद मुलायम सिंह यादव ने सत्ता में वापसी की। साल 2009 में एक बार फिर उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले आगरा में बैठक की तो परिणाम बेहद जबरदस्त रहे। इसी टोटके को आजमाते हुए उन्होंने साल 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले तारघर मैदान पर अधिवेशन किया तो फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बनी और अपनी जगह उन्होंने अपने बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया।
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Mulayam Singh Yadav: यूपी का वो शहर, जो 'नेताजी' के लिए रहा बेहद लकी, जब भी किया अधिवेशन, मिली सूबे की सत्ता
Mon, 10 Oct 2022 08:14 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 10 Oct 2022 08:14 PM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव
- फोटो : Instagram
एक मंच पर कल्याण सिंह और मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
1991 में राममंदिर मामले के बाद एक दूसरे के धुर विरोधी रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और मुलायम सिंह यादव एक साथ एक मंच पर जनवरी 2009 में आगरा के जीआईसी मैदान में ही नजर आए। दोनों ने जनसभा को संबोधित किया था।
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सूरसदन में आए थे मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना बताते हैं कि दोनों ने गलबहियां की और कल्याण ने सपा की राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक में समाजवादी पार्टी की पहचान लाल टोपी पहनी। हालांकि यह दोस्ती ज्यादा दिन नहीं चली, लेकिन आगरा से ही मुलायम सिंह ने राजनीति में यह नया दांव चला था। मुलायम सिंह यादव ने अपने हाथों से कल्याण सिंह को लाल टोपी पहनाई थी।
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मुलायम सिंह यादव
राधास्वामी मत के आचार्य दादाजी महाराज प्रोफेसर अगम प्रसाद माथुर ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया और कहा कि मुख्यमंत्री और देश के रक्षामंत्री रहते हुए उन्होंने जो कार्य किए, उससे देश को नई दिशा मिली। बेहद सौम्य, व्यवहार कुशल व्यक्तित्व वाले मुलायम सिंह का निधन उनकी व्यक्तिगत क्षति है। इसकी पूर्ति नहीं हो सकती। वह हुजूर राधास्वामी दयाल से प्रार्थना करते हैं कि शोक संतृप्त परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
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एंबुलेंस से मुलायम सिंह यादव का पार्थिव शरीर
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। गुरुग्राम से उनका पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से सैफई ले जाया गया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से काफिले के साथ उनका पार्थिव शरीर गुजरा। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता सड़क के किनारे खड़े रहे। उन्होंने नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।