{"_id":"6343cfc4e7df703ed60f6fe9","slug":"former-cm-mulayam-singh-yadav-passed-away-neta-ji-last-sought-votes-for-himself-in-2019-lok-sabha-elections","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Mulayam Singh Yadav: 'मेरा आखिरी चुनाव है...', मोदी लहर पर भारी पड़ी मुलायम सिंह यादव की भावुक अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mulayam Singh Yadav: 'मेरा आखिरी चुनाव है...', मोदी लहर पर भारी पड़ी मुलायम सिंह यादव की भावुक अपील
Mon, 10 Oct 2022 01:24 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
ज्योत्यवेंद्र दुबे, मैनपुरी
ज्योत्यवेंद्र दुबे, मैनपुरी
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 10 Oct 2022 01:24 PM IST
विज्ञापन
मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
'नेताजी' के नाम से मैनपुरी वासियों के दिल में बसने वाले मुलायम सिंह यादव अनगिनत बार मैनपुरी आए। लेकिन आखिरी बार वे 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने लिए वोट मांगने आए थे। उन्हें सुनने के लिए अपार जनसैलाब भी उमड़ा, लेकिन मुलायम ने अपने संबोधन में सियासत को किनारे ही रखा। संस्मरणों को याद करते हुए बस इतना ही कहा कि ये मेरा आखिरी चुनाव है, बहुमत से जिता देना।
Trending Videos
मंचासीन मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी से अपने संबंधों की याद करते हुए उन्होंने बस इतना ही कहा कि ये मेरा आखिरी चुनाव है बहुमत से जिता देना। उन्होंने एक बार नहीं बल्कि तीन-तीन बार जनता से हाथ उठवाकर ये वाद भी लिया कि वे उन्हें बहुमत से जिताएंगे या नहीं। अपने पूरे भाषण के दौरान वे अपार जन सैलाब को देखकर मुस्कुराते रहे।
मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
उम्र के चलते कई बार जुबान लड़खड़ाई तो शब्द जैसे गुम हो गए। लेकिन जनता ने भी उनकी भावनाओं को समझा और गर्मजोशी से उनके समर्थन में हाथ खड़े कर दिए। तब शायद किसी को नहीं पता था कि नेताजी जो कह रहे हैं वह सच होगा। लेकिन वास्तव में 2019 का लोकसभा चुनाव नेताजी का आखिरी चुनाव साबित हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
मुलायम ने कहा मैं भाषण देने नहीं आया हूं
बात चाहे मुलायम सिंह यादव के पहले चुनाव की हो या आखिरी चुनाव की हर बार जनसभाओं में मुलायम ने जनता से जुड़कर उनका दिल जीत लिया। अपने इसी चित परिचित अंदाज में मुलायम सिंह यादव ने 2019 के लोकसभा चुनाव में मैनपुरी आयोजित जनसभा में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मैं कोई भाषण देने नहीं आया है। मैनपुरी मेरा घर है, मैनें यहां खेत-खेत में भाषण दिया है। बस मैं अपनी जनता से मिलने आया हूं। साथ उन्हें सुनने के लिए आए अपार जनसमूह का दोनों हाथ जोड़कर धन्यवाद भी किया।
विज्ञापन
मायावती के साथ एक मंच पर
- फोटो : अमर उजाला