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एमबीबीएस परीक्षा में हाईटेक नकलः उड़नदस्ते से बचने को त्वचा की रंग की मंगवाई थी ब्लू टूथ डिवाइस
Wed, 21 Oct 2020 10:54 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 21 Oct 2020 10:54 AM IST
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एमबीबीएस के छात्रों के पास से मिली डिवाइस
- फोटो : अमर उजाला
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करते पकड़े गए एमबीबीएस के छात्रों ने कक्ष निरीक्षक और उड़न दस्ते की नजरों से बचने के लिए ब्लूटूथ डिवाइज अपनी त्वचा के रंग की मंगवाई थी। एक घंटे तक कक्ष निरीक्षक को पता ही नहीं चला कि इनके कानों में डिवाइस लगी है। ताबीज में फिट की गई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को पकड़ना भी आसान नहीं था। ये दिखने में एकदम ताबीज ही लग रहे थे। मुंह पर मास्क होने के कारण यह भी पता नहीं चल रहा था कि कौन बात कर रहा है। नकलची छात्रों ने परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा बाद ही नकल शुरू कर दी थी।
नकल के मामले में जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
प्रतियोगी परीक्षाओं में ब्लू टूथ डिवाइस के जरिए नकल पहले भी पकड़ी जा चुकी है। तब डिवाइस अलग रंग की पकड़ी गई। यह कान में लगी साफ नजर आती थी। एमबीबीएस के छात्रों ने अपनी अपनी त्वचा के रंग की डिवाइस इस्तेमाल की। ऑनलाइन ऑर्डर देने से पहले बेवसाइट पर डिवाइस देखी गई थी। अपनी त्वचा के रंग से मिलान के बाद ही ऑर्डर दिए गए थे। छात्रों ने मास्क लगा रखे थे। इस कारण बोलते समय उनके होंठ हिलते नजर नहीं आ रहे थे। कक्ष निरीक्षक जयवीर सिंह को लग रहा था कि आवाज तो आ रही है लेकिन यह मालूम नहीं चल रहा था कि कौन बोल रहा है। छात्र आपस में कोई बातचीत नहीं कर रहे थे। यही वजह रही कि एक घंटे तक नकल का पता ही नहीं चला।
खंदारी स्थित संस्थान में मुन्ना भाई पकड़ने के मामले में पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
एमबीएसएस के छात्रों को सीनियर साथी करा रहे थे नकल
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि सभी छात्रों से गहनता से पूछताछ हुई है। इसमें पता चला है कि इन छात्रों ने हाईटेक नकल का इंतजाम सीनियर साथियों के साथ मिलकर किया। ये छात्र एमबीबीएस अंतिम वर्ष (पार्ट वन) के हैं। इन्होंने सीनियर से मदद मांगी थी। तरीका इन्होंने ही उन्हें बताया था। उनके राजी हो जाने के बाद ही इन्होंने ऑनलाइन चीन निर्मित डिवाइस मंगाई। कई वेबसाइट पर इस तरह की डिवाइस मौजूद हैं। एक छात्र ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मोबाइल स्क्रीन पर ब्लू टूथ डिवाइस देखी। इनका ऑर्डर सबने अलग अलग दिया। कॉलेज में ही इसका अभ्यास किया गया। एक कमरे में बैठकर सीनियर को बाहर बिठाया गया। फिर डिवाइस के माध्यम से बातचीत की गई।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि सभी छात्रों से गहनता से पूछताछ हुई है। इसमें पता चला है कि इन छात्रों ने हाईटेक नकल का इंतजाम सीनियर साथियों के साथ मिलकर किया। ये छात्र एमबीबीएस अंतिम वर्ष (पार्ट वन) के हैं। इन्होंने सीनियर से मदद मांगी थी। तरीका इन्होंने ही उन्हें बताया था। उनके राजी हो जाने के बाद ही इन्होंने ऑनलाइन चीन निर्मित डिवाइस मंगाई। कई वेबसाइट पर इस तरह की डिवाइस मौजूद हैं। एक छात्र ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मोबाइल स्क्रीन पर ब्लू टूथ डिवाइस देखी। इनका ऑर्डर सबने अलग अलग दिया। कॉलेज में ही इसका अभ्यास किया गया। एक कमरे में बैठकर सीनियर को बाहर बिठाया गया। फिर डिवाइस के माध्यम से बातचीत की गई।
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एमबीबीएस की परीक्षा में नकल करते पकड़े गए छात्र
- फोटो : अमर उजाला
यह बड़ा रैकेट है... इसकी तह तक जाए पुलिस, चीफ प्रोक्टर ने पुलिस से कहा, बड़े खिलाड़ियों की गिरफ्तारी जरूरी
चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने पुलिस से कहा कि हाईटेक नकल के पीछे बड़ा रैकेट है। परीक्षार्थी इसका सिर्फ एक हिस्सा है। पुलिस को इसकी तह तक जाना चाहिए। बडे़ खिलाड़ी अभी पकड़े नहीं गए हैं। परीक्षा केंद्र के बाहर जो लोग मोबाइल पर बोलकर नकल करा रहे थे, उन तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों ने डिवाइस इस्तेमाल की। केंद्र के बाहर नकल कराने वाले भी डिवाइस लिए होंगे। इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ होना जरूरी है। इस परीक्षा में पहले भी मोबाइल पकड़े जा चुके हैं। एमबीबीएस की परीक्षा 13 अक्तूबर से शुरू है और 23 अक्तूबर को समाप्त होगी। मंगलवार को फाइनल प्रोफेशनल (अंतिम वर्ष) पार्ट वन के परीक्षार्थियों की नेत्र विज्ञान विषय की परीक्षा थी। विवि के खंदारी कैंपस के फार्मेसी विभाग में 90 परीक्षार्थी उपस्थित थे।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने पुलिस से कहा कि हाईटेक नकल के पीछे बड़ा रैकेट है। परीक्षार्थी इसका सिर्फ एक हिस्सा है। पुलिस को इसकी तह तक जाना चाहिए। बडे़ खिलाड़ी अभी पकड़े नहीं गए हैं। परीक्षा केंद्र के बाहर जो लोग मोबाइल पर बोलकर नकल करा रहे थे, उन तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों ने डिवाइस इस्तेमाल की। केंद्र के बाहर नकल कराने वाले भी डिवाइस लिए होंगे। इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ होना जरूरी है। इस परीक्षा में पहले भी मोबाइल पकड़े जा चुके हैं। एमबीबीएस की परीक्षा 13 अक्तूबर से शुरू है और 23 अक्तूबर को समाप्त होगी। मंगलवार को फाइनल प्रोफेशनल (अंतिम वर्ष) पार्ट वन के परीक्षार्थियों की नेत्र विज्ञान विषय की परीक्षा थी। विवि के खंदारी कैंपस के फार्मेसी विभाग में 90 परीक्षार्थी उपस्थित थे।
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छात्रों के पास से मिली चीनी डिवाइस
- फोटो : अमर उजाला
यूएफएम कमेटी परीक्षार्थियों पर लेगी फैसला
एमबीबीएस की परीक्षा में पकड़े गए नकलचियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय अनफेयर मीन (यूएफएम) कमेटी लेगी। मामले को कमेटी में रखा जाएगा। परीक्षा 13 अक्तूबर से ही चल रही है। भले ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पकड़ी 20 अक्तूबर को गई हो, पर आशंका जताई जा रही है कि पूर्व की परीक्षाओं में भी परीक्षार्थियों इस माध्यम से नकल किया गया होगा। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि पुलिस को तहरीर दे दी गई है, वह जांच करेगी कि नकल के इस रैकेट में कौन-कौन शामिल है। पकड़े गए परीक्षार्थियों के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच में विश्वविद्यालय या फिर किसी कॉलेज से जुड़े किसी का नाम आता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एमबीबीएस की परीक्षा में पकड़े गए नकलचियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय अनफेयर मीन (यूएफएम) कमेटी लेगी। मामले को कमेटी में रखा जाएगा। परीक्षा 13 अक्तूबर से ही चल रही है। भले ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पकड़ी 20 अक्तूबर को गई हो, पर आशंका जताई जा रही है कि पूर्व की परीक्षाओं में भी परीक्षार्थियों इस माध्यम से नकल किया गया होगा। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि पुलिस को तहरीर दे दी गई है, वह जांच करेगी कि नकल के इस रैकेट में कौन-कौन शामिल है। पकड़े गए परीक्षार्थियों के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच में विश्वविद्यालय या फिर किसी कॉलेज से जुड़े किसी का नाम आता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।