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कोरोना काल में मुरझाई गेंदा के फूलों की बगिया, 15 साल बाद बदली फसल, 40 बीघा में किया आलू

Mon, 04 Jan 2021 01:31 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 04 Jan 2021 01:31 PM IST
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Marigold Flowers Farm Distoyed During Corona Epidemic Change Crop Of Potato
गेंदा की खेती का फाइल फोटो और खेती कराने वाले किसान धमेंद्र - फोटो : अमर उजाला
कोरोना का असर हर क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। नारखी क्षेत्र में हर साल महकने वाली फूलों की बगिया इस साल मुरझाई हुई है। 15 साल से गेंदा फूल की खेती करने वाले किसान को इस बार चालीस बीघा खेत में आलू की खेती करनी पड़ी है। 
Marigold Flowers Farm Distoyed During Corona Epidemic Change Crop Of Potato
नारखी निवासी किसान धमेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : अमर उजाला
नारखी निवासी किसान धमेंद्र प्रताप सिंह करीब 15 वर्षों से अपने खेत में गेंदा के फूल की पैदावार कर रहे हैं। इतने वर्षों में पहली बार उन्होंने आलू बोया है।  वह नारखी क्षेत्र में 40 बीघा में जाफरी प्रजाति के गेंदा के फूल उगाते हैं। यह फूल छोटे आकार का होता है। वहीं इसकी डिमांड अधिक रहती है। जाफरी गेंदा के फूल के साथ वह गेंदा की लकड़ी से इत्र बनाते हैं।
Marigold Flowers Farm Distoyed During Corona Epidemic Change Crop Of Potato
गेंदा की खेती का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के साथ-साथ आगरा और अलीगढ़ की मंडी में उनके द्वारा उगाए गए फूलों की अधिक खपत होती है। गेंदा के फूल की पौध हर साल वह जून-जुलाई के महीने में लगाते हैं। बीज आदि डालकर बगिया तैयार कराते हैं। धमेंद्र बताते हैं कि इस साल लॉकडाउन में वह लखनऊ में फंस गए। फिरोजाबाद तक नहीं आ सके। समय से गेंदा के लिए बगिया तैयार नहीं कर सके। यदि समय से वह गेंदा की खेती करते तो मार्च के महीने में फूल बाजार में बेच सकते थे। 
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गेंदा की खेती का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
गेंदा से 80 लाख रुपये सालाना तक की आय 
गेंदा से होने वाली आय को लेकर धमेंद्र बताते हैं कि आय फूल के ऊपर आधारित है।चालीस बीघा में जाफरी गेंदा करने पर कभी 25 लाख की आय हो जाती है कभी 80 लाख तक की आय होती है। बगिया से फूल चुनने और लकड़ी अलग करने में श्रमिक भी अधिक लगते हैं। फूल के रेट भी बाजार की स्थिति पर निर्भर हैं। दस रुपये से 100 रुपये प्रति किलो की दर से फूल बिक जाता है।
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गेंदा के फूलों से की गई सजावट - फोटो : अमर उजाला
सजावट में अधिक प्रयोग होता है गेंदा का छोटा फूल 
जाफरी प्रजाति का गेंदा का फूल आकार में छोटा होता है। एक किलो में सौ से डेढ़ सौ फूल हो जाते हैं। शादी समारोह और अन्य उत्सवों में सजावट के कार्य में सर्वाधिक यही फूल प्रयोग में लाया जाता है। 

लकड़ी से इत्र की रूह जाती है कन्नौज 
जाफरी गेंदा के फूल की लकड़ी से बने इत्र की रूह कन्नौज जाती है। इसे इत्र बनाने में प्रयोग किया जाता है। इससे 80 ग्रेड का इत्र बनता है।
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