मथुरा में जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में कान्हा के दर्शन किए। वह काफी देर तक श्रीराधाकृष्ण की अद्भुत छवि को निहारते रहे। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से इस मौके का इंतजार कर रहा था, लेकिन हर बार कोई न कोई बाधा उन्हें रोक देती थी। अब उनकी इच्छा पूरी हुई है। यहां उन्होंने भागवत भवन में विधिवत पूजा-अर्चना की और गर्भ गृह में श्रीराधाकृष्ण के दर्शन कर कोरोना का नाश करने के लिए प्रार्थना की।
'योगीराज' की धरा पर सीएम योगी: जन्माष्टमी पर किए कन्हैया के दर्शन, कोरोना के अंत की प्रार्थना
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बांकेबिहारी से प्रार्थना है कि राक्षस रूपी कोरोना का अंत करें। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की देखरेख में यहां चल रहे विकास की झलक देखकर बहुत प्रसन्नता हो रही है। यहां भौतिक विकास नई तकनीक से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए किया जा रहा है। परिषद का गठन भी इसी उदेश्य से किया गया था। प्रदेश की सरकार ब्रज विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान मथुरा-वृंदावन नगर निगम से लेकर अब तक की विकास परियोजनाओं को गिनाया। कहा कि सप्तपुरियों में शामिल मथुरा को भौतिक और तकनीकि रूप से परिपूर्ण करते हुए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र के मुताबिक तैयार किया जा रहा है। इस दौरान मंच पर ब्रज के संतों के साथ ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, दुग्ध विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु, विधायक कारिंदा सिंह, विधायक पूरन प्रकाश मौजूद रहे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत अंगड़ाई ले रहा है। जो लोग पहले मंदिर जाने में संकोच करते थे, अब कह रहे हैं राम हमारे भी हैं कृष्ण भी हमारे हैं। हम अपनी आध्यात्मिक संस्कृति को संरक्षित करें। यहां के कण-कण में वृंदावन बिहारी लाल का दर्शन करते हें। ब्रजवासी धन्य हैं। उन्हें इस पावन भूमि पर जन्म लेने का सौभाग्य मिला। मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्णोत्सव के मंच से प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में शामिल होने आए मुख्यमंत्री से ब्रज के संतों ने आगामी विधानसभा चुनाव मथुरा से ही लड़ने का आग्रह किया। संतों ने कहा कि इस पवित्र भूमि के विकास के लिए आप चुनाव लड़े। इस मौके पर महंत फूलडोल बिहारी दास, महंत हरिशंकर दास नागा, महंत रामस्वरूप ब्रह्मचारी, महंत लाडली शरण दास, महंत बाबा बलराम दास, महंत सुतीक्ष्णदास, सुंदर दास, महंत सचिदानंद आदि मौजूद रहे।