{"_id":"62fe22fba07bbc56d722ace6","slug":"itbp-constable-amit-kumar-dies-in-pahalgam-bus-accident","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पहलगाम बस हादसा: तिरंगे में लिपटकर आया एटा का लाल, छलक उठे सभी के आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहलगाम बस हादसा: तिरंगे में लिपटकर आया एटा का लाल, छलक उठे सभी के आंसू
Thu, 18 Aug 2022 05:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 18 Aug 2022 05:01 PM IST
विज्ञापन
शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पहलगाम बस हादसे में शहीद हुए आईटीबीपी के आरक्षी अमित कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार आधी रात के बाद गांव बरा भौंडेला पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। अपने लाल को तिरंगे में लिपटा देख लोगों के आंसू छलक उठे। बृहस्पतिवार को हजारों नम आंखों के बीच अंतिम संस्कार किया गया। जम्मूकश्मीर के पहलगाम में 16 अगस्त को आईटीबीपी जवानों की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसमें सात जवानों की जान गई थी। इनमें से एक अवागढ़ ब्लॉक क्षेत्र के गांव बरा भौंडेला के अमित कुमार दिवाकर भी थे। बुधवार रात 1 बजे आईटीबीपी का एक दल पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंचा। जिसके पहुंचते ही पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम दर्शनों के लिए इसे घर के बाहर रखा गया। बृहस्पतिवार सुबह होने पर गांव में राजनीतिक दलों के लोग तथा अधिकारियों का पहुंचना शुरू हो गया। धीरे-धीरे कर भीड़ बढ़ती गई और हजारों लोग वहां एकत्रित हो गए। सुबह करीब 11 बजे अंतिम यात्रा शुरू की गई।
शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
गांव सरानी में अंत्येष्टि की तैयारी की गई। जहां श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भीड़ टूट पड़ी। नोएडा से आई आईटीबीपी की टुकड़ी ने निरीक्षक सुरेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। अमित के भतीजे राजन ने मुखाग्नि दी।
शहीद के अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
मांग पर प्रशासन ने स्मारक के लिए दी डेढ़ बीघा जमीन
शहीद जवान का अंतिम संस्कार पहले 8:30 बजे पैतृक खेतों में किए जाने की तैयारी थी, लेकिन इस बीच कुछ परिवार वालों ने स्मारक के लिए जमीन की मांग रखी। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकारी जमीनों की उपलब्धता के लिए दस्तावेज खंगाले। इस गांव की सीमा से सटे गांव सरानी में डेढ़ बीघा जमीन खाली मिली। इसको जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर लगाकर साफ कराया गया। यहीं अंतिम संस्कार कराया गया। बाद में इसे स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिपाही अमित कुमार का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी को नौकरी दिलाने की मांग
दिवंगत अमित की पत्नी प्रीति को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग परिजन ने की। फिरोजाबाद जिले के इटारी निवासी उसके पिता महीपाल ने अधिकारियों को बताया कि प्रीति बीटीसी और टेट पास है। सरकार प्रदेश में उसे नौकरी उपलब्ध कराए। हालांकि इसे शासन स्तर का मामला बताकर अधिकारियों ने कोई स्पष्ट बात नहीं कही।
विज्ञापन
शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला