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अस्पताल में लाश का करते रहे इलाज!: राजमिस्त्री की माैत पर हंगामा, परिजन बोले- माैत के बाद भी लगाते रहे दवाएं
Tue, 08 Sep 2026 06:44 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Tue, 08 Sep 2026 06:44 PM IST
सार
यूपी के आगरा जिले में राजमिस्त्री की माैत पर हंगामा हो गया। परिजन ने आरोप लगाया कि माैत होने के बाद भी अस्पताल स्टाफ उपचार करता रहा। दवाएं लगाता रहा। हंगामे की सूचना पर पुलिस माैके पर पहुंच गई।
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हंगामा कर रहे परिजनों को समझाती पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के थाना ट्रांसयमुना क्षेत्र के हाथरस मार्ग स्थित टेढ़ी बगिया के जेके हॉस्पिटल में इलाज के दौरान राजमिस्त्री की मौत हो गई। परिजन ने अस्पताल स्टाफ पर गलत इंजेक्शन लगाने से हालत बिगड़ने और मौत होने का आरोप लगाया। आरोप है कि मौत के बाद भी रुपये जमा कराने का दबाव बनाने और एमआरआई जांच कराने की बात कहकर गुमराह किया । सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजन को समझाकर शांत कराया।
टेढ़ी बगिया स्थित जगदंबा निवासी धर्मपाल सिंह ( 70) राजमिस्त्री थे। पत्नी कुसुमा ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उल्टी-दस्त होने पर जेके हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल में इलाज से पहले 25 हजार रुपये जमा कराए गए। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे इंजेक्शन लगाए जाने के बाद धर्मपाल की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें घबराहट होने लगी। करीब 10 बजे दोबारा इंजेक्शन लगाया गया। इसके करीब एक घंटे बाद उनकी मौत हो गई। आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल स्टाफ उपचार का हवाला देकर दवाएं लगाता रहा।
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टेढ़ी बगिया स्थित जगदंबा निवासी धर्मपाल सिंह ( 70) राजमिस्त्री थे। पत्नी कुसुमा ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उल्टी-दस्त होने पर जेके हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल में इलाज से पहले 25 हजार रुपये जमा कराए गए। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे इंजेक्शन लगाए जाने के बाद धर्मपाल की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें घबराहट होने लगी। करीब 10 बजे दोबारा इंजेक्शन लगाया गया। इसके करीब एक घंटे बाद उनकी मौत हो गई। आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल स्टाफ उपचार का हवाला देकर दवाएं लगाता रहा।
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डॉक्टर ने एमआरआई कराने की बात कही, जिससे परिजन भड़क गए। इसके बाद अस्पताल में करीब दो घंटे तक हंगामा हुआ। परिजन ने मुआवजे की मांग की। पुलिस ने अस्पताल संचालक और परिजन के बीच बातचीत कराकर मामला शांत कराने का प्रयास किया। अस्पताल संचालक डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि धर्मपाल की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है। गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप गलत है। एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों को समझाकर शांत करा दिया गया है। मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेटी को अफसर बनाने का था सपना, अब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक धर्मपाल सिंह की इकलौती बेटी करिश्मा बीए की पढ़ाई कर रही है। वह बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती है। मृतक पिता धर्मपाल का सपना था कि बेटी पढ़-लिखकर बड़ी अफसर बने। पिता की मौत के बाद मां कुसुमा और बेटी करिश्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। मां को अब बेटी की पढ़ाई और भविष्य की चिंता सता रही है।
बेटी को अफसर बनाने का था सपना, अब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक धर्मपाल सिंह की इकलौती बेटी करिश्मा बीए की पढ़ाई कर रही है। वह बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती है। मृतक पिता धर्मपाल का सपना था कि बेटी पढ़-लिखकर बड़ी अफसर बने। पिता की मौत के बाद मां कुसुमा और बेटी करिश्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। मां को अब बेटी की पढ़ाई और भविष्य की चिंता सता रही है।