आगरा के थाना जगदीशपुरा के राहुल नगर में पति और पत्नी ने घर में आत्महत्या कर ली। पुलिस का कहना है कि पति ने फांसी लगाई तो पत्नी ने हाथ की नस काटकर जान दी। दोनों ने प्रेम संबंध के बाद शादी की थी। घटना के पीछे गृह क्लेश है। पत्नी पढ़ाई के साथ नौकरी करना चाहती थी। मगर, 13 महीने के बेटे की देखभाल के चलते पति मना कर रहा था। इस बात पर कई दिन से अनबन चल रही थी। इस कारण उन्होंने यह कदम उठाया। बोदला स्थित राहुल नगर निवासी आकाश सिंह (25) पुत्र मनोहर सिंह संजय प्लेस स्थित एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। तीन साल पहले उसकी शादी ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी आरती (23) पुत्री अमर सिंह से हुई थी। उनका एक 13 महीने का बेटा भी है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरती के पिता पहले राहुल नगर में ही रहते थे। इसलिए पहले से एक-दूसरे को जानते थे।
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आगरा में दंपती ने की आत्महत्या: नौकरी को लेकर पति-पत्नी में था विवाद, 13 माह का बच्चा हुआ अनाथ
Mon, 05 Jul 2021 03:06 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 05 Jul 2021 03:06 PM IST
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आकाश और आरती का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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आकाश का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आरती कॉल सेंटर में काम करती थी। उसकी आकाश से दोस्ती हो गई। इसके बाद दोनों के बीच प्यार हो गया। उन्होंने अपने रिश्ते की जानकारी परिजनों को दी। इस पर परिवार के लोग शादी के लिए तैयार हो गए। शादी के बाद भी आरती नौकरी करती थी। एक साल पहले उसकी सास को कैंसर की समस्या हो गया। इसकी जानकारी पर आरती ने नौकरी छोड़ दी। वह परिवार की देखभाल करने लगी। वह बीकॉम भी कर रही थी।
जगदीशपुरा थाना
- फोटो : अमर उजाला
थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक, परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरती पढ़ाई के साथ ही नौकरी भी करना चाहती थी। मगर, आकाश नौकरी कराने के लिए तैयार नहीं था। वह अभी नौकरी करने से मना कर रहा था। उसका कहना था कि बेटा अभी छोटा है। वह मां-बाप के बिना अकेला नहीं रह पाएगा। उसको संभालने के लिए कोई चाहिए। मगर, आरती जिद पर अड़ी थी। इस बात पर दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था। दो दिन पहले पत्नी से बात भी नहीं कर रहा था।
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आरती का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार रात को आकाश कमरे में सोने चला गया। रात तकरीबन 2:30 बजे बहू आरती की आवाज आने पर ससुर मनोहर सिंह जाग गए। वह भागकर कमरे में गए। आरती बाथरूम के बाहर पड़ी हुई थी। उसके बायें हाथ से खून बह रहा था। आकाश बेड पर पड़ा हुआ था। उसके गले पर निशान था। इस पर वह परिवार के अन्य लोगों की मदद से दोनों को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे, जहां आकाश को मृत घोषित कर दिया गया। आरती की एक घंटे बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
...तो आरती ने फंदे से उतारा था आकाश
थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरती की मौत ज्यादा खून बहने से हुई, जबकि आकाश ने कमरे में साफी से फांसी लगाई थी। आरती ने उसे फंदे से उतार भी लिया था। उसकी मौत के बारे में पता चलने पर उसने पहले विषाक्त खाया। इसके बाद हाथ की नस काट ली। उसे उल्टी भी होने लगी थीं। इस कारण गिर भी गई थी। प्रथम दृष्टया यही पता चला है कि आरती नौकरी की कहती थी, लेकिन आकाश पत्नी को नौकरी कराने के लिए तैयार नहीं था। इसलिए वो तैयार नहीं था। किसी पक्ष ने कोई आरोप नहीं लगाया है। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। आरती की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। उसका विसरा सुरक्षित रखा गया है। वहीं आकाश की मौत फांसी लगने से हुई है।
पापा, आकाश को बचा लेना
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मनोहर कमरे में पहुंचे तो आरती फर्श पड़ी थी। मगर, वह एक ही बात कह रही थी कि पापा, आकाश को बचा लेना। आरती दर्द से कराह रही थी। इसके बावजूद वह पति की जल्द अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगा रही थी। आरती और आकाश का 13 महीने का बेटा है। वह बार-बार मां-बाप को देख रहा था। घरवालों ने उसे यही बताया कि दोनों दवा लेने गए हैं। कभी रोने लगता तो कभी खेलने लगता। बाद में परिवार के लोग उसे संभालते। परिवार की महिलाएं उसे गोद में लेकर सुला दे रही थीं।
थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरती की मौत ज्यादा खून बहने से हुई, जबकि आकाश ने कमरे में साफी से फांसी लगाई थी। आरती ने उसे फंदे से उतार भी लिया था। उसकी मौत के बारे में पता चलने पर उसने पहले विषाक्त खाया। इसके बाद हाथ की नस काट ली। उसे उल्टी भी होने लगी थीं। इस कारण गिर भी गई थी। प्रथम दृष्टया यही पता चला है कि आरती नौकरी की कहती थी, लेकिन आकाश पत्नी को नौकरी कराने के लिए तैयार नहीं था। इसलिए वो तैयार नहीं था। किसी पक्ष ने कोई आरोप नहीं लगाया है। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। आरती की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। उसका विसरा सुरक्षित रखा गया है। वहीं आकाश की मौत फांसी लगने से हुई है।
पापा, आकाश को बचा लेना
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मनोहर कमरे में पहुंचे तो आरती फर्श पड़ी थी। मगर, वह एक ही बात कह रही थी कि पापा, आकाश को बचा लेना। आरती दर्द से कराह रही थी। इसके बावजूद वह पति की जल्द अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगा रही थी। आरती और आकाश का 13 महीने का बेटा है। वह बार-बार मां-बाप को देख रहा था। घरवालों ने उसे यही बताया कि दोनों दवा लेने गए हैं। कभी रोने लगता तो कभी खेलने लगता। बाद में परिवार के लोग उसे संभालते। परिवार की महिलाएं उसे गोद में लेकर सुला दे रही थीं।