अक्षय तृतीया: बांकेबिहारी मंदिर के ठाकुरजी के चरण दर्शन को उमड़ी भारी भीड़, वृंदावन की गलियों में लगा जाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रद्धालु अपने आराध्य के वर्ष भर में एक बार अक्षय तृतीया के पर्व पर सुबह चरण और शाम सर्वांग दर्शन की अभिलाषा लिए लालायित दिखे। सुगंधित इत्र और पुष्पों से महकता मंदिर परिसर श्रद्धालुओं में बरबस ही आध्यात्मिक भावना का संचार कर रहा था। मंदिर में भीनी-भीनी सुगंध और चंदन की आभा का वातावरण भक्तों को अपने आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के श्रीचरणों की ओर खींचे ले जा रहा था। देश और विदेशों से आए श्रद्धालु ठाकुर बांकेबिहारी के चंदन प्रसाद को लेकर अपने को धन्य मान रहे थे। मंदिर को पहुंचने वाली गलियों से लेकर मुख्य रास्तों पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई।
अक्षय तृतीय पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसके साथ ही नगर के प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे। सेवायत ठाकुरजी को गर्मी से बचाव के लिए चंदन को गुलाब जल, इत्र, केसर का मिश्रण कर ठाकुरजी के शरीर पर लेपन किया। वहीं ठाकुरजी को सत्तू के लड्डू और शर्बत निवेदित किए। इसके साथ ही ठाकुरजी के श्री चरणों में सोने-चांदी की पायजेब धारण कराई गई। भक्तों ने भी ठाकुरजी के चरणों में सोने और चांदी की पायजेब अर्पित की।
अक्षय तृतीया पर होने वाले ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के चरण और सर्वांग दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को कोविड नियमों का पालन कराना मुश्किल हो गया। मंदिर में बिना मास्क के प्रवेश न करने की मंदिर प्रबंधन की ओर से बार-बार अपील की जाती रही लेकिन भीड़ के कारण कोविड नियमों का पालन नहीं हो सका। मंदिर प्रबंधन दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं से शारीरिक दूरी व कोविड के प्रोटोकाल का पालन करने की अपील करते रहे।
मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन के लिए वनवे व्यवस्था की गई। मंदिर में श्रद्धालुओं को गेट संख्या 2 व 3 से प्रवेश दिया गया, जबकि गेट संख्या चार से श्रद्धालु बाहर निकले गए। श्रद्धालुओं को विद्यापीठ चौराहा से मंदिर को आने वाले मार्ग, किशोर पुरा तिराहा से गौतम पाड़ा एवं जुगल घाट, फलाहरी बाबा वाली गली से होते हुए मंदिर में पहुंचने वाले मार्ग से प्रवेश दिया गया।