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ताजमहल में सिर्फ मुमताज नहीं, तीन बेगमों के साथ दफन हैं शाहजहां, जानें रोचक इतिहास

Sun, 23 Feb 2020 07:48 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 23 Feb 2020 07:48 AM IST
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history of taj mahal construction and mumtaz mahal tomb
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल का दीदार करेंगे। ताज को मोहब्बत की निशानी माना जाता है। शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में इसका निर्माण कराया था, जिसकी खूबसूरती की दुनिया दीवानी है। ताजमहल को भले मुमताज के नाम से जाना जाता हो, लेकिन इसमें केवल मुमताज महल का ही मकबरा नहीं, बल्कि शाहजहां की दो अन्य बेगमें भी इसी परिसर में दफन हैं। अगली स्लाइड्स में जानिए इतिहास... 
history of taj mahal construction and mumtaz mahal tomb
शाहजहां-मुमताज की कब्रों की प्रतिकृत - फोटो : अमर उजाला
मुमताज मुख्य गुंबद में दफन शाहजहां के पास हैं तो पूर्वी गेट पर सरहिंदी बेगम का मकबरा है, जिन्हें इज्जुनिशां बेगम के नाम से जानते हैं। पश्चिमी गेट पर फतेहपुरी बेगम का मकबरा है। इन तीनों के अलावा चौथी बेगम खंदारी बेगम का मकबरा ताज के बाहर है। यह पूर्वी गेट के बाहर काली ( संदली) मस्जिद के पास है। ताज में नकली कब्रें सिर्फ शाहजहां और मुमताज की हैं, जो असली के साथ ही बनाई गई थीं।
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ताजमहल में वाटर चैनल और टैंक की सफाई - फोटो : Amar Ujala
इतिहासकार राज किशोर राजे के अनुसार अर्जुमंद बानो बेगम यानी मुमताज महल अल जमानी की 17 जून 1631 को मृत्यु के बाद शोक में डूबे शाहजहां ने यादगार मकबरा तामीर करने के लिए काम शुरू कराया। 1631 में ही ताजमहल की नींव रख दी गई। 22 जून 1632 को जब मुमताज महल का पहला उर्स मनाया गया, तब ताजमहल का लाल पत्थर का बेस तैयार हो चुका था, जिस पर टेंट लगाकर उर्स मनाया गया।
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ताजमहल का मुख्य गुंबद - फोटो : अमर उजाला
10 साल में बना मुख्य मकबरा
26 मई 1633 को दूसरे उर्स में टेरेस और प्लेटफार्म बनाया जा चुका था। 10 साल में मुख्य गुंबद का काम पूरा कर लिया गया। शाहजहां की कहानी बादशाहनामा में इसका जिक्र है। 1643 में मुमताज महल की कब्र के चारों ओर सोने की जाली लगाई गई, जो मौजूदा संगमरमरी कब्र की तरह ही थी। मुख्य गुंबद का काम पूरा होने के बाद शाही मस्जिद और उसके सामने मेहमानखाना और अंत में रॉयल गेट, फोरकोर्ट का काम कराया गया।
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ताजमहल - फोटो : Amar Ujala
अहमद लाहौरी का डिजाइन, अमानत खान की कैलीग्राफी
ताजमहल का डिजाइन उस्ताद अहमद लाहौरी ने तैयार कर शाहजहां को दिखाया। शिराज से अमानत खान को गुंबद पर केलीग्राफी का काम सौंपा गया। गयासुद्दीन ने मकबरे के पत्थर पर इबारतें लिखीं। तुर्की के गुंबद बनाने के शिल्पी इस्माइल खान अफरीदी को गुंबद बनाने की जिम्मेदारी दी गई। 20 हजार मजदूरों पर निगरानी के लिए मुहम्मद हनीफ को अधीक्षक बनाया गया।
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