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हमारो ब्रज: अजूबे से कम नहीं है झाल का पुल, इसके नीचे से नदी और ऊपर बहती है नहर

Fri, 09 Apr 2021 09:17 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 09 Apr 2021 09:17 AM IST
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hamaro braj history of jhal ka pul kasganj
झाल का पुल कासगंज

ब्रज में अनेक रमणीक स्थल हैं, जिनका पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व है। इनमें कई ऐसे स्थल हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग ही नहीं जानते हैं। अमर उजाला 'हमारो ब्रज' मुहिम के तहत इन अनूठे स्थलों से पाठकों को रूबरू कराएगा। इस मुहिम की शुरुआत कासगंज जिले में स्थित ब्रिटिशकालीन झाल के पुल से हो रही है। यह अनूठा पुल अजूबे से कम नहीं है। इसके बारे में जानकर और इसकी बनावट देखकर लोग हैरान हो जाते हैं।

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झाल का पुल कासगंज
कासगंज से पांच किलोमीटर दूर झाल का पुल ब्रिटिश काल से ही आकर्षण का केंद्र है। इसके आकर्षण की प्रमुख वजह इंजीनियरिंग कौशल है। ब्रिटिश इंजीनियरों ने सतह पर बहती कालीनदी के ऊपर पुल बनाकर हजारा नहर को प्रवाहित किया है। आज भी पुल के नीचे नदी और ऊपर नहर बहती है। यह सिलसिला पिछले 136 वर्षों से बना हुआ है। 
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झाल का पुल कासगंज - फोटो : अमर उजाला
झाल के पुल का निर्माण वर्ष 1885 से 89 के बीच हुआ था। झाल के पुल को नदरई का पुल भी कहा जाता है। इस पुल के आर-पार जाने के लिए सुरंगें बनी हुई हैं। जहां होकर लोग एक तरफ से सुरंग में प्रवेश करके दूसरी ओर निकल सकते हैं। कई लोग इस रोमांच के चलते सुरंगों के अंधेरों को चीरते हुए इधर से उधर निकलते हैं। 
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झाल का पुल कासगंज
आयरलैंड की कार्क यूनिवर्सिटी के सहयोग से कार्यकारी अभियंता विलियम गुड ने इस पुल का डिजाइन तैयार किया था। 1300 फीट से अधिक इस लंबे पुल का निर्माण चार साल में हुआ था। 16 जनवरी 1892 में अमेरिका कैलिफोर्निया के अखबार पैसेफिक रूलर प्रेस ने मुख्य पृष्ठ में छापे लेख में झाल के पुल को इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना बताया था। कालीनदी के ऊपर पुल बनाकर हजारा नहर को प्रवाहित किया गया।
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झाल का पुल कासगंज
समय-समय पर इस पुल के सुंदरीकरण और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की चर्चाएं होती हैं, लेकिन अभी तक कोई योजना कार्यरूप में नहीं आ सकी है। अब झाल के पुल के आसपास नगरवन विकसित करने की योजना है। जहां कालीनदी के जल को शोधन के लिए नदी में ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जो जल को शोधित करने का काम करेंगे। 
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