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चाय वाले के नाम पर यूनिवर्सिटी और मेडिकल काॅलेज: अपहरण की झूठी सूचना पर पुलिस का बड़ा खुलासा, पांच आरोपी पकड़े
Sat, 19 Sep 2026 05:58 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 19 Sep 2026 05:58 PM IST
सार
पुलिस को युवक के अपहरण की सूचना मिली थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की तो सूचना झूठी निकली। जांच आगे बढ़ी तो बड़े फर्जीवाडे़ का पर्दाफाश हुआ। आरोपी यूनिवर्सिटी से लेकर मेडिकल काॅलेज तक के फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराते थे।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
दो लाख रुपये की फिरौती के लिए भाई के अपहरण की झूठी सूचना देने का मामला जांच के दौरान फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के नेटवर्क तक पहुंच गया। मारहरा पुलिस ने जांच के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि जिस बीएस नामक व्यक्ति के नाम पर मेडिक कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी को रजिस्टर्ड दिखाया गया है, वह चाय बेचने का काम करता है। मास्टर माइंड सतेंद्र कुमार उर्फ कृष्णपाल वर्ष 2022 से बीएस मेडिकल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी के नाम पर विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के नाम पर छात्रों से रकम लूट रहा था। बदले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी मार्कशीट, आईडी कार्ड, प्रवेश फार्म, हाजिरी शीट, परीक्षा पुस्तिकाएं, जाली प्रश्नपत्र, फीस रसीदें, मोहर, लेटर पैड, लैपटॉप और चार बैंकों के फर्जी चेक समेत अन्य सामग्री बरामद की है।
एएसपी श्वेताभ पांडेय ने प्रेसवार्ता में बताया कि 16 सितंबर की सुबह करीब सात बजे महमूदपुर नगरिया निवासी रामसेवक ने पीआरवी को सूचना दी कि उसके भाई सतेंद्र कुमार को तीन लोग बीएस कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी से अगवा कर ले गए हैं। उसने अपहर्ताओं द्वारा दो लाख रुपये की फिरौती मांगे जाने का आरोप भी लगाया। सतेंद्र की पत्नी की तहरीर पर मारहरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। गंभीरता को देखते हुए चार पुलिस टीमों को लगाया गया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो सतेंद्र की लोकेशन आगरा में मिली।
पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे सकुशल बरामद किया। एएसपी ने बताया कि पूछताछ में अपहरण की कहानी झूठी और भ्रामक निकली। सतेंद्र ने छात्रों से लिए गए रुपये वापस करने के दबाव के बीच खुद के अपहरण की साजिश रची थी। कुछ छात्रों का प्रवेश रद्द होने के बाद वे रुपये वापस मांग रहे थे। सतेंद्र ने आगरा में रुपये देने की बात कही और छात्रों के साथ ही वहां चला गया। इस बीच उसने अपने भाई रामसेवक से अपहरण की सूचना देने को कहा। आगरा पहुंचने के बाद छात्रों के मोबाइल से अपने भाई को फोन कर दो लाख रुपये की मांग कराई। अपहरण के झूठ का खुलासा होने के बाद पुलिस की जांच कॉलेज के संबंध में आगे बढ़ी। पुलिस को कॉलेज से 16 फर्जी आईडी कार्ड, आवेदन फार्म, हाजिरी शीट, फीस रसीदें, परीक्षा पुस्तिकाएं, जाली प्रश्नपत्र, फर्जी मार्कशीट और मोहर मिली हैं। फर्जी मोहर लगे लेटर पैड और यूनिवर्सिटी कोड वाली प्रचार सामग्री भी बरामद की है। यहां बीफार्मा, डीफार्मा, बीएससी नर्सिंग, बीएएमएम, जीएनएम, एएनएम, डीएमएमटी, बीएमएलटी समेत कई फर्जी कोर्स संचालित किए जा रहे थे।
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एएसपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि जिस बीएस नामक व्यक्ति के नाम पर कॉलेज को रजिस्टर्ड दिखाया गया है, वह चाय बेचने का काम करता है। उस व्यक्ति का पूरा नाम भगवान दास है और वह गांव धरपसी थाना मारहरा का निवासी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसके नाम और पहचान का इस्तेमाल आखिर क्यों की गई। पुलिस ने सतेंद्र कुमार निवासी महमूदपुर नगरिया, गौरव अग्रवाल निवासी पंखा वाला बाग नदरई गेट कासगंज भगवान दास निवासी धरपसी, नरेंद्र उर्फ पप्पू निवासी मोहल्ला पैठ और मोहम्मद शरीफ कुरैशी निवासी मोहल्ला गफूरगंज मारहरा को गिरफ्तार किया है।
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एएसपी श्वेताभ पांडेय ने प्रेसवार्ता में बताया कि 16 सितंबर की सुबह करीब सात बजे महमूदपुर नगरिया निवासी रामसेवक ने पीआरवी को सूचना दी कि उसके भाई सतेंद्र कुमार को तीन लोग बीएस कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी से अगवा कर ले गए हैं। उसने अपहर्ताओं द्वारा दो लाख रुपये की फिरौती मांगे जाने का आरोप भी लगाया। सतेंद्र की पत्नी की तहरीर पर मारहरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। गंभीरता को देखते हुए चार पुलिस टीमों को लगाया गया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो सतेंद्र की लोकेशन आगरा में मिली।
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पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे सकुशल बरामद किया। एएसपी ने बताया कि पूछताछ में अपहरण की कहानी झूठी और भ्रामक निकली। सतेंद्र ने छात्रों से लिए गए रुपये वापस करने के दबाव के बीच खुद के अपहरण की साजिश रची थी। कुछ छात्रों का प्रवेश रद्द होने के बाद वे रुपये वापस मांग रहे थे। सतेंद्र ने आगरा में रुपये देने की बात कही और छात्रों के साथ ही वहां चला गया। इस बीच उसने अपने भाई रामसेवक से अपहरण की सूचना देने को कहा। आगरा पहुंचने के बाद छात्रों के मोबाइल से अपने भाई को फोन कर दो लाख रुपये की मांग कराई। अपहरण के झूठ का खुलासा होने के बाद पुलिस की जांच कॉलेज के संबंध में आगे बढ़ी। पुलिस को कॉलेज से 16 फर्जी आईडी कार्ड, आवेदन फार्म, हाजिरी शीट, फीस रसीदें, परीक्षा पुस्तिकाएं, जाली प्रश्नपत्र, फर्जी मार्कशीट और मोहर मिली हैं। फर्जी मोहर लगे लेटर पैड और यूनिवर्सिटी कोड वाली प्रचार सामग्री भी बरामद की है। यहां बीफार्मा, डीफार्मा, बीएससी नर्सिंग, बीएएमएम, जीएनएम, एएनएम, डीएमएमटी, बीएमएलटी समेत कई फर्जी कोर्स संचालित किए जा रहे थे।
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एएसपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि जिस बीएस नामक व्यक्ति के नाम पर कॉलेज को रजिस्टर्ड दिखाया गया है, वह चाय बेचने का काम करता है। उस व्यक्ति का पूरा नाम भगवान दास है और वह गांव धरपसी थाना मारहरा का निवासी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसके नाम और पहचान का इस्तेमाल आखिर क्यों की गई। पुलिस ने सतेंद्र कुमार निवासी महमूदपुर नगरिया, गौरव अग्रवाल निवासी पंखा वाला बाग नदरई गेट कासगंज भगवान दास निवासी धरपसी, नरेंद्र उर्फ पप्पू निवासी मोहल्ला पैठ और मोहम्मद शरीफ कुरैशी निवासी मोहल्ला गफूरगंज मारहरा को गिरफ्तार किया है।