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पांच दिन का दर्द पांच मिनट में दूर: मासूम की भोजन नली में फंसा था सिक्का, परिजन देते रहे बुखार-खांसी की दवा
Sat, 19 Sep 2026 09:09 PM IST
Arun Parashar
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 19 Sep 2026 09:09 PM IST
सार
मासूम के गले में पांच का सिक्का फंसा होने से गले में दर्द, उल्टी होने लगी। परिजन बुखार-खांसी की दवा कराते रहे। मर्ज बढ़ने पर परिजन मासूम को लेकर एसएन मेडिकल काॅलेज में दिखाने लाए। यहां चिकित्सकों ने पांच में मिनट में सिक्के को निकाल दिया।
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एसएन में बच्चे के गले से निकाला सिक्का।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में परिजन चार साल के बच्चे को लेकर पहुंचे। इसकी भोजन की नली में पांच का सिक्का फंसा हुआ था। एसएन मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन और गैस्ट्रो यूनिट के चिकित्सकों ने पांच मिनट में निकाल दिया।
मेडिसिन विभाग के डॉ. सूर्यकमल वर्मा ने बताया कि बच्चे ने भूलवश पांच का सिक्का निगल लिया। ये भोजन की नली में फंस गया। परिजन को इसकी पता नहीं चल सकी। इसने गले में दर्द, उल्टी होने लगी। परिजन बुखार-खांसी की दवा कराते रहे। मर्ज बढ़ने पर ये एसएन में दिखाने लाए।
यहां एंडोस्कॉपी के जरिये से पांच मिनट में ही सिक्का बाहर निकाल दिया। निजी अस्पताल में इसका 15-20 हजार रुपये खर्च हो जाते, यहां निशुल्क हुआ है। टीम में डॉ. सुदीक्षा सिंह, डॉ. सौरभ तिवारी रहे। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बच्चों के पास बटन, सिक्का, बैटरी, मूंगफली-चना समेत अन्य को दूर रखें। अगर बच्चे के सांस लेने में परेशानी होने, अधिक लार टपकने, उल्टी होने जैसे लक्षण दिखें तो चिकित्सक को दिखाएं।
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मेडिसिन विभाग के डॉ. सूर्यकमल वर्मा ने बताया कि बच्चे ने भूलवश पांच का सिक्का निगल लिया। ये भोजन की नली में फंस गया। परिजन को इसकी पता नहीं चल सकी। इसने गले में दर्द, उल्टी होने लगी। परिजन बुखार-खांसी की दवा कराते रहे। मर्ज बढ़ने पर ये एसएन में दिखाने लाए।
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यहां एंडोस्कॉपी के जरिये से पांच मिनट में ही सिक्का बाहर निकाल दिया। निजी अस्पताल में इसका 15-20 हजार रुपये खर्च हो जाते, यहां निशुल्क हुआ है। टीम में डॉ. सुदीक्षा सिंह, डॉ. सौरभ तिवारी रहे। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बच्चों के पास बटन, सिक्का, बैटरी, मूंगफली-चना समेत अन्य को दूर रखें। अगर बच्चे के सांस लेने में परेशानी होने, अधिक लार टपकने, उल्टी होने जैसे लक्षण दिखें तो चिकित्सक को दिखाएं।
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