दशहरा पर्व पर बुधवार को यमुना में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। दशहरा पर यमुना स्नान के लिए प्रशासन और नगर निगम ने पहले से ही तैयारी पूरी कर ली थी। निगम ने स्नान के लिए घाटों पर साफ-सफाई की और यमुना में बेरीकेडिंग लगाए थे। सुबह से दूर दराज के श्रद्घालुओं ने यमुना में स्नान कर पूजा अर्चना की। इस दौरान नगर निगम और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर तैनात रही।
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दशहरा पर्व पर यमुना में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार सुबह से ही दशहरा पर यमुना स्नान प्रारंभ हो गया। दशहरा पर यमुना पर परंपरागत स्नान होता है। इस बार यमुना के दोनों और महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए पांच-पांच चेजिंग रूम तैयार कर दिए गए। स्नान के दौरान किसी प्रकार की कोई घटना न हो इसके लिए निगम ने 20 गोताखोर की तैनाती की गई। गोताखोर नावों में तैनात रहे। निगम द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पीने के लिए स्वच्छ पानी की भी व्यवस्था की गई। आरओ प्लांट के जरिए श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराया गया।
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दशहरा पर्व पर यमुना में लगाई आस्था की डुबकी
- फोटो : अमर उजाला
यमुना के मैले पानी में ही श्रद्घालुओं को डुबकी लगानी पड़ी। लोगों ने मांग की थी कि गंगा दशहरा पर एक हजार क्यूसेक गंगाजल अतिरिक्त रूप से छोड़ा जाए लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। संयुक्त नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि खोया-पाया केंद्र के जरिए खोने वाले श्रद्धालुओं को खोजने में मदद की जाएगी।
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यमुना स्नान के बाद नावों से लोगों ने यमुना में दान पुण्य किया
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा के कई घाटों पर यमुना स्नान के बाद नावों से लोगों ने यमुना में दान पुण्य किया। पिछले कई दिनों से यमुना घाट पर नाव ऐसे ही खड़ी थी। दशहरा पर्व पर श्रद्घालुओं ने नावों से परिक्रमा की।
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यमुना घाट पर दशहरा पर्व के मद्देनजर बल्लियां लगाकर की गई व्यवस्था
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दशहरा पर्व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जोरों से मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्नान की परम्परा है। लेकिन, जहां गंगा नहीं है श्रद्घालु अन्य नदियों में स्नान करते हैं। मथुरा में यमुना स्नान के लिए हजारों श्रद्घालु आते हैं। श्रद्घालु स्नान के बाद दान पुण्य भी करते हैं।