Crime Scene: पुलिस ने दो माह बाद दोहराया छात्र की मौत का दृश्य, विश्वविद्यालय के अंदर मिला था शव
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ढाई घंटे हॉस्टल में रहे वैज्ञानिक
परिजनों ने एडीजी जोन से शिकायत की थी। इस मामले में एएसपी सत्य नरायन को जांच दी गई। शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों की टीम हॉस्टल परिसर में पहुंची। वैज्ञानिकों ने ऋषभ के बराबर वजन का एक पुतला हॉस्टल की तीसरी मंजिल से नीचे फेंका। ऐसा दो बार किया गया। उसे उसी स्थान पर गिराया गया, जहां पर ऋषभ पड़ा मिला था। इस दौरान छात्र के परिजन के साथ अधिवक्ता गगन शर्मा भी मौजूद रहे। तकरीबन ढाई घंटे तक वैज्ञानिक जांच करते रहे। इसके बाद गए। थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में वैज्ञानिक रिपोर्ट देंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने लगाया था हत्या का आरोप
पिता ने बताया था कि ऋषभ मिठास पढ़ने में काफी होशियार था। उसके स्कूल में मैथ का प्रैक्टिकल चल रहा था। पिता ने आरोप लगाया कि वह बेटे को पौने दस बजे स्कूल के गेट पर छोड़कर गए थे। वह गेट के अंदर जा रहा था। इस पर वो चले गए। वह प्रशिक्षण केंद्र में कैसे पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे की हत्या की गई है।
किया गया गुमराह
ब्रह्मदत्त मिठास ने बताया कि स्कूल प्रशासन और पुलिस ने उन्हें गुमराह किया। उन्हें पहले बताया गया था कि वह स्कूल नहीं आया। दस मिनट बाद दोबारा कॉल करके बताया गया कि वह पानी पीने गया था। गिरकर घायल हो गया है। उसे इमरजेंसी लेकर गए हैं।
बैग में मिली थी नोटबुक
पुलिस ने बताया कि ऋषभ के बैग में उसकी एक नोटबुक मिली थी। इसमें काले पेन से अंग्रेजी में लिखा था कि सॉरी रियली एम आई एन कावर्ड। यानि माफ करना मैं सच में कायर हूं। एक काला पेन भी मिला। आशंका है कि यह सुसाइड नोट हो सकता है।