पाकिस्तान में बंधक बनाए गए विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी के बाद उन परिवारों में भी उम्मीद जागी है, जिनके अपने वर्ष 1971 के युद्ध के बाद से लापता हैं या पाकिस्तान में उन्हें बंधक बना लिया गया। इनमें आगरा के रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट मनोहर पुरोहित का परिवार भी शामिल है।
मनोहर पुरोहित की पत्नी सुमन पुरोहित ने 48 साल बाद भी अपने पति के वापस आने की उम्मीद नहीं खोई है। उनका कहना है कि जैसे मोदी सरकार विंग कमांडर अभिनंदन को वापस लेकर आई है, वैसे ही मेरे पति को भी वापस ले आए। मेरे पति के साथ 54 सिपाही पकड़े गए थे, उन सब के परिवार उनका इंतजार कर रहे हैं।
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फ्लाइट लेफ्टिनेंट मनोहर पुरोहित और उनकी पत्नी सुमन पुरोहित
सुमन ने बताया कि पहले की सरकार पत्र का जवाब देती थी, लेकिन मोदी सरकार में सभी ने पत्र लिखे, लेकिन एक भी जवाब नहीं आया। सुमन के पति फ्लाइट लेफ्टिनेंट मनोहर पुरोहित 1971 के भारत-पाकिस्तान के युद्ध के समय पकड़ लिए गए थे। तब वो खेरिया एयरबेस पर तैनात थे।
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फ्लाइट लेफ्टिनेंट मनोहर पुरोहित
9 दिसंबर 1971 की रात थी। वो ब्रिटिश द्वारा बनाए गए कैनबरा बॉम्बर जहाज लेकर अपने दो साथियों लेफ्टिनेंट आरडी नैथानी और जी थिओफिलस के साथ पाकिस्तान की तरफ बॉर्डर से 150 किलोमीटर दूर गए थे। वहां से लौटते समय राजस्थान की भारतीय सीमा के पास उनके जहाज को गोली लग गई थी। उन्हें मरा हुआ मान लिया गया था।
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विपुल पुरोहित के पिता मनोहर पुरोहित की तस्वीर के साथ
1971 के दौरान भारत सरकार ने घोषणा किया कि 54 अधिकारियों और सैनिकों को पाकिस्तान में पकड़ लिया गया है या वे गायब हैं। इन 54 लोगों में मनोहर का नाम भी शामिल था। अब परिवार वालों को मोदी सरकार पर भरोसा है कि वो उन लोगों को भी जल्द वापस लाएंगे।