फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना के कारण ताजमहल बंद: चार लाख लोगों के सामने फिर खड़ा हुआ रोजी-रोटी का संकट

Sun, 18 Apr 2021 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 18 Apr 2021 12:02 AM IST
विज्ञापन
economic crisis on tourism industry after taj mahal closed due to covid
ताजमहल समेत सभी स्मारक 15 मई तक बंद - फोटो : अमर उजाला

आगरा में ताजमहल समेत सभी संरक्षित स्मारकों को बंद करने के आदेश के बाद पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट के साथ ताजगंज के दुकानदार संस्कृति मंत्रालय के आदेश से हैरत में हैं। पर्यटन उद्योग जैसे तैसे 188 दिनों की बंदी के बाद पटरी पर लौट रहा था, लेकिन दोबारा बंदी के आदेश से इस उद्योग से जुड़े चार लाख लोग फिर से संकट में आ गए हैं।

economic crisis on tourism industry after taj mahal closed due to covid
ताजमहल में पर्यटक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

ताजनगरी के पर्यटन उद्योग से जुड़े गाइड, फोटोग्राफर, टूर ऑपरेटर, हैंडीक्राफ्ट संचालक, दुकानदार, टैक्सी, ऑटो चालक और होटल रेस्टोरेंट संचालकों को फिर से रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि 2020 की बंदी से वे उबर नहीं पाए थे, अब संस्कृति मंत्रालय के आदेश से फिर से रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। 

economic crisis on tourism industry after taj mahal closed due to covid
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
भूखे मरने की स्थिति
यूपी स्टेट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक दान ने कहा कि ताजमहल खुलने के बाद दिसंबर तक पर्यटकों की संख्या कम रही। जब घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ी तो प्रवेश नहीं करने दिया। गाइडों के सामने भूखे मरने की स्थिति है। जैसे तैसे काम चल रहा था, अब रोजी-रोटी कैसे कमाएंगे।

इसका बुरा असर पड़ेगा
आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन ने कहा कि 13 महीने से पर्यटकों की कमी से परेशान थे, अब फिर से ताज बंद कर दिया। इसका बुरा असर पड़ेगा। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए ताज खोला जा सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
economic crisis on tourism industry after taj mahal closed due to covid
हस्तशिल्पी - फोटो : अमर उजाला
'कौन खरीदेगा हैंडीक्राफ्ट'
हस्तशिल्प विक्रेता रिजवानुद्दीन ने कहा कि 21 सितंबर को ताज खुलने के बाद रौनक न सही, पर गरीबों की रोजी-रोटी तो चलने लगी थी। अब फिर भूखे मरने की स्थिति हो जाएगी। जब पर्यटक ही न होंगे तो हैंडीक्राफ्ट कौन खरीदेगा। 
विज्ञापन
economic crisis on tourism industry after taj mahal closed due to covid
ताजमहल में पर्यटक (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
फैक्टरियां खुल सकती हैं तो ताज क्यों नहीं  ?
एंपोरियम संचालक गौरव चौहान ने बताया कि हजारों, लाखों लोगों की रोजीरोटी ताजमहल से जुड़ी है। जब फैक्टरियां खुल सकती हैं तो ताजमहल क्यों नहीं खोल सकते। वहां तो एक हॉल में मजदूर हैं, ताज का कैंपस ही इतना बड़ा है कि शारीरिक दूरी का पालन होता रहेगा। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed