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अभी नहीं सुधरी ताजनगरी की हवा, प्रदूषण से हो रही हालत खराब, ऐसे करें अपना बचाव
Sun, 03 Nov 2019 01:06 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 03 Nov 2019 01:06 PM IST
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वातावरण में छाई धुंध
- फोटो : अमर उजाला
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दिवाली के बाद से आगरा में बढ़ते प्रदूषण ने सांस और दमा रोगियों की हालत खराब कर दी है। एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ऐसी समस्या लेकर आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं वातावरण में अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में प्रदूषण से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में 209 मरीज पहुंचे। इसमें सांस और अस्थमा के 178 मरीज रहे, जिनकी सांस नली में संक्रमण और सूजन मिली। इससे मरीज को लंबी-लंबी सांस ले रहे थे, छाती में दर्द हो रहा था। 45 मरीजों को भाप देनी पड़ी। दो को अस्थमा अटैक पड़ा और तीन सांस रोगियों को भर्ती करना पड़ा।
ओपीडी के बाहर लोगों की कतारें
- फोटो : अमर उजाला
वक्ष रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि दिवाली के बाद से ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में 70 फीसदी सांस और दमा के हैं। इनको वातावरण में प्रदूषण के अतिसूक्ष्म कण सांस के जरिये नलिकाओं में पहुंच रहे हैं, यह चिपक कर संक्रमण फैला रहे हैं। नली में सूजन आने से सांस लेने में परेशानी हो रही है। हर तीसरे मरीज को भाप दे रहे हैं।
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वातावरण में छाई धुंध
- फोटो : अमर उजाला
एसएन के नेत्र रोग विभाग में प्रदूषण से मरीजों की संख्या 45 फीसदी बढ़ गई है। इसमें आंखों में जलन, खुजली होना, पानी बहने जैसी समस्याएं लेकर तो मरीज आ ही रहे हैं, अति सूक्ष्म कणों से कार्नियां को भी नुकसान पहुंच रहा है। विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि आंखों में अति सूक्ष्म कण पहुंचने पर रगड़ने से कार्निया चोटिल हो रही है। खासतौर से बच्चे ज्यादा ऐसा करते हैं। इससे कार्नियां में दर्द, धुंधला दिखने की समस्या मिली है।
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मास्क लगाए विदेशी पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
यह बरतें सावधानी:
- बाहर जाते वक्त मुंह पर रुमाल-मास्क लगाएं, चश्मा भी पहनें।
- सुबह-शाम घूमने का शौक है तो इसमें बदलाव कर दें।
- बच्चों को सुबह और शाम को बाहर खेलने से बचाएं।
- आंखों में प्रदूषण के कण जाने पर उसे रगडे़ नहीं।
- साफ ठंडे पानी से आंखों को धोएं, चिकित्सक को दिखाएं।
- धुआं और धूल वाले क्षेत्रों से बचें।
- सांस-दमा रोगी इन्हेलर का उपयोग करें, दवाएं बंद न करें।
- बाहर जाते वक्त मुंह पर रुमाल-मास्क लगाएं, चश्मा भी पहनें।
- सुबह-शाम घूमने का शौक है तो इसमें बदलाव कर दें।
- बच्चों को सुबह और शाम को बाहर खेलने से बचाएं।
- आंखों में प्रदूषण के कण जाने पर उसे रगडे़ नहीं।
- साफ ठंडे पानी से आंखों को धोएं, चिकित्सक को दिखाएं।
- धुआं और धूल वाले क्षेत्रों से बचें।
- सांस-दमा रोगी इन्हेलर का उपयोग करें, दवाएं बंद न करें।