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मैनपुरी में बारिश की तबाही: सड़क के ऊपर से बह रही नदी...डूब गईं फसलें, आंसुओं से आंखों में डूब रहे अरमान

Fri, 20 Sep 2024 01:42 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 20 Sep 2024 01:42 PM IST
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Devastation caused by rain in Mainpuri: River flowing over road crops drowned
मैनपुरी में बारिश की तबाही - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी में बारिश के बाद हाल बेहाल है। अपने जल से फसलों और जनजीवन को सींचने वाली जीवनदायिनी अरिंद नदी अब लोगों के घर और फसलें उजाड़ रही है। करहल विधानसभा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में धान और बाजरा की फसल चौपट हो गई है। वहीं घरों तक पानी पहुंचने से आशियाना भी छिन रहा है। अन्नदाता की आंखों से नींद कोसों दूर हो गई है। जिन गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया है उनमें भी ग्रामीणों के लिए रातें गुजारना मुश्किल हो रहा है। अन्नदाता को फसल की चिंता है तो घर के मुखिया को आशियाने की, लेकिन कुदरत के आगे वे बेबस हैं। नुकसान से भी अधिक तकलीफदेह बात यह है कि प्रशासन को इसकी कानों-कान खबर तक नहीं है। अरिंद नदी के जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों के दर्द की कहानी बयां करती प्रदीप कुमार यादव की रिपोर्ट....



डेढ़ हजार बीघा की फसलें डूबीं, गांवों का संपर्क भी टूटा
अरिंद नदी में पानी इतना बढ़ा कि क्षेत्र के गांव रठेरा, नगला छेड़ी, नगला कोंडर, नगला मढ़ा, नगला दशरथ, कुड़ाहार, जिचौली, दिवरौली, ककरारा, नगला स्वामी, नगला बहादुर, नगला सकरी, बड़ागांव, नगला उदी और बेरियाहार समेत डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में धान और बाजरा की फसलें डूब गईं। लगभग डेढ़ हजार बीघा क्षेत्र में केवल पानी ही पानी नजर आता है।
Devastation caused by rain in Mainpuri: River flowing over road crops drowned
मैनपुरी में बारिश की तबाही - फोटो : अमर उजाला
खेतों में पानी भरने से धान की फसल अब नजर ही नहीं आ रही है, वहीं बाजरा भी खेतों में बिछ गया और पानी भरने से सड़ने लगा है। गांव नगला दशरथ निवासी रामेश्वर सड़क पर खड़े होकर धान की फसल को दिन में तीन बार देखने आते हैं। उन्हें उम्मीद है कि शायद जल्द पानी कम हो जाए। लेकिन हर बार उन्हें मायूसी ही मिलती है। वे बताते हैं कि पांच बीघा धान की फसल में जुताई से लेकर दवा और खाद तक 25 हजार तक की लागत आ चुकी है। अब फसल भी बर्बाद हो रही है। पास के ही खेत में बाजरा बाने वाले रामरतन का हाल भी कुछ ऐसा ही है। उनसे जब फसल के बारे में पूछा तो उनका बस एक ही जवाब था कि कुदरत के आगे किसकी चलती है।
Devastation caused by rain in Mainpuri: River flowing over road crops drowned
मैनपुरी में बारिश की तबाही - फोटो : अमर उजाला
अरिंद नदी का पानी दन्नाहार-कुचेला मार्ग पर जाटखेड़ा पुल के पास सड़क पार का दूसरी तरफ उतरने लगा है। लगभग सौ मीटर दूरी तक सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी है। बहाव के चलते बच्चे और बुजुर्ग के साथ ही दोपहिया वाहन चालकों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं चार पहिया वाहनों के भी फंसने की आशंका बनती रहती है। दरअसल सड़क के ऊपर से पानी उतरने के चलते यहां सड़क कटान भी करने लगी है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। ये सड़क तीन माह पहले ही बनाई गई थी। जलभराव के चलते आसपास के गांवों का संपर्क भी टूट रहा है।
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Devastation caused by rain in Mainpuri: River flowing over road crops drowned
मैनपुरी में बारिश की तबाही - फोटो : अमर उजाला
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंच पा रहे मरीज
जाटखेड़ा पुल के पास सड़क पर पानी भरने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुचेला पर मरीज नहीं पहुंच पा रहे हैं। दरअसल रठेरा, नगला छेड़ी, नगला कोंड़र, नगला मढ़ा, नगला दशरथ, कुड़ाहार और जिचौली के मरीज कुचेला ही उपचार के लिए आते हैं। प्रसव के लिए गर्भवती महिलाएं भी यहां आती हैं। लेकिन पानी भरा होने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

 
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मैनपुरी में बारिश की तबाही - फोटो : अमर उजाला
घरों में भर गया पानी, गिर रहे आशियाने
अरिंद नदी का पानी केवल खेतों तक ही नहीं पहुंचा है, बल्कि आबादी में भी पहुंच गया है। गांव रठेरा, नगला दशरथ, ककरारा और नगला कोंड़र में पानी घरों में घुस गया है। रठेरा में रूपेश कठेरिया के मकान में पांच फुट पानी भर गया है पानी भरने से सामान डूबने के साथ ही लिंटर भी गिर गया है। घर में रखा गेहूं और भूसा भी बर्बाद होने से पेट भरने का भी संकट खड़ा हो गया है। सरकारी मदद से उसने ये मकान बनवाया था, लेकिन अब वह उजड़ गया है। पास ही रह रहे सुनहरी लाल के दो मंजिला मकान में पानी भरा होने से दीवारें और फर्श बैठनी लगी हैं। यही हाल नगला दशरथ में भी कई कच्चे मकान जलभराव के कारण गिर गए हैं। घरों के आसपास पानी भरा है। अन्य गांवों का भी हाल कुछ ऐसा ही है। अधिशासी अभियंता नहर राजीव कुमार ने बताया कि जिले से होकर बहने वाली अरिंद नदी हो या फिर ईशन नदी सभी गंगा ही सहायक नदियां हैं। इन दिनों बारिश के चलते गंगा नदी में पानी अधिकता है। इसके चलते अरिंद नदी का बहाव धीमा हो गया है। गंगा नदी में पानी का स्तर कम होते ही ये पानी निकल जाएगा। फिर भी अगर कोई विशेष परिस्थिति है तो उसे दिखवाया जाएगा।

 
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