सुहागनगरी में डेंगू और वायरल से मासूमों की होने वाली मौत के कारण का खुलासा केजीएमयू के बाल रोग विभाग से आए डॉ एसएन सिंह ने किया है। पांच दिनों तक 100 शैय्या अस्पताल में बच्चों के उपचार को उन्होंने देखा था। लखनऊ मेडिकल कॉलेज को उन्होंने अपनी जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें साफ तौर पर बताया है कि फिरोजाबाद में वायरल में कुछ परिवारों ने बिना चिकित्सीय परामर्श के दर्द निवारक दवाओं को बच्चों को दिया, इसके कारण उनकी जान पर बन आई। हालांकि अब लोगों में जागरूकता आई है। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में विश्वविद्यालय को यह रिपोर्ट देते हुए एसएन सिंह ने बताया कि फिरोजाबाद में जिन इलाकों में मौत हुई है, वहां पर गंदगी का माहौल था, मच्छरों के काटने के कारण यह बीमारी फैली।
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फिरोजाबाद: दर्द निवारक दवाओं से गई फिरोजाबाद में डेंगू पीड़ित मासूमों की जान, केजीएमयू के चिकित्सक का दावा
Wed, 22 Sep 2021 01:51 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 22 Sep 2021 01:51 PM IST
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फिरोजाबाद में डेंगू: ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीज
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद में डेंगू: सौ शैय्या अस्पताल फिरोजाबाद
- फोटो : अमर उजाला
वहीं लोगों ने घर में रखी बुखार व दर्द निवारक दवा से मर्ज को ठीक करने का प्रयास किया। जब स्थिति बिगड़ी तो उन्होंने अपने बच्चों को पास के निजी क्लीनिकों पर दिखाया। वहां पर स्टेरॉइड दवाओं को दिया गया, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रही। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
फिरोजाबाद में डेंगू: सौ शैय्या अस्पताल के बाहर भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वहीं मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एनके गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही अधिकांश बच्चों ने अस्पताल के गेट पर ही दम तोड़ दिया। कुछ ऐसे भी थे जो गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उन्हें बचाने में काफी देर हो चुकी थी। इसके कारण कई मरीजों को नहीं बचाया जा सका। उन्होंने बताया कि डेंगू और वायरल में गलत दवाओं के सेवन से प्लेटलेट्स गिर जाती हैं बिना वजह प्लेटलेट्स चढ़ाना भी दिक्कत का कारण बन जाता है।
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फिरोजाबाद में डेंगू: रेफर के बाद बीमार बच्चे को आगरा ले जाते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
भारत सरकार की टीम और प्रदेश सरकार की टीमों के फिरोजाबाद में आने के बाद भी डेंगू बेकाबू है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की स्थिति सुधर नहीं रही है। मंगलवार को सौ शैय्या अस्पताल में मरीजों की संख्या मंगलवार को दोबारा 274 पहुंच गई है। 24 घंटे में 534 बच्चों की कराई गई जांच में 171 की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। निजी अस्पतालों में भी हालत नहीं सुधरी है। मरीजों की भीड़ सुबह से देर रात्रि तक दिख रही है।
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फिरोजाबाद में डेंगू: अस्पताल में मरीज को देखने पहुंचे सीडीओ
- फोटो : अमर उजाला
विगत 21 अगस्त से जिले में डेंगू और वायरल का प्रकोप शुरू हो गया था। सबसे पहले सरकारी अस्पतालों में बने वार्ड फुल हो गए थे। अब एक माह गुजरने के बाद स्थिति काबू में नहीं आ सकी है। जबकि भारत सरकार, प्रदेश सरकार की विशेष चिकित्सकों की टीम भी दौरा कर चुकी है। मंगलवार को भी अस्पताल की ओपीडी में भीड़ रही। हालांकि निजी चिकित्सकों के क्लीनिक फिर से खुलने के कारण मरीजों अस्पताल में ओपीडी में आसानी से इलाज मिल रहा है। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चों को भर्ती किया। कई परिजन अपने बच्चो को भर्ती करने के लिए रिपोर्ट का इंतजार करते रहे।