आगरा में ग्वालियर रोड इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में मंगलवार को डाका डालकर बदमाश आसानी से फरार हो गए। पुलिस की चेकिंग सिर्फ नाम के लिए हुई। यह तब हुआ जबकि बदमाशों के फरार होने के आधा घंटे के भीतर ही सूचना मिल गई थी। इसके बावजूद उनका कोई सुराग तक नहीं लगाया जा सका। पुलिस आधा घंटा तक बैंक के आस पास के सीसीटीवी फुटेज देखती रही। इसके बाद चेकिंग कराई। बदमाशों का कोई सुराग तक न निला।
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इसी बैंक में हुई लूट
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बदमाश बैंक से निकलकर रोहता से ग्वालियर रोड की ओर भागे। यहां से दो किमी के दायरे में तीन बैरियर हैं। पुलिस ने चेकिंग की लेकिन बदमाश नहीं मिले। बदमाशों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी योजना पर काम कराया गया। इसमें शहर के 70 प्वाइंट पर एक साथ चेकिंग कराई जाती है ताकि बदमाश शहर के बाहर न निकल पाएं लेकिन यह भी फेल ही रही। सदर, ताजगंज, एत्माद्दौला, सिकंदरा, न्यू आगरा, कमला नगर शहर केबाहरी इलाकों में आते हैं। यहां बैरियर लगे हैं लेकिन चेकिंग सिर्फ थोड़ी देर के लिए ही हुई।
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बैंक के बाहर खड़े पुलिसकर्मी
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किसान आंदोलन के चलते शासन ने पुलिस को हाईअलर्ट पर रखा है। आगरा में खास निगरानी के निर्देश हैं। किसान यहां से दिल्ली पहुंच रहे हैं। लेकिन यह हाई अलर्ट सिर्फ नाम का है। इसकी पोल बदमाशों के भाग जाने से खुल गई। आगरा से किसानों के दिल्ली पहुंच जाने पर एसएसपी ने खंदौली में चौकी इंचार्ज को सस्पेंड किया था। इसके बाद पुलिस से कहा था कि हर रोड पर आने जाने वालों पर नजर रहे। लेकिन ग्वालियर रोड पर गश्त ही नहीं थी।
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आगरा बैंक डकैती कांड: कर्मचारियों से जानकारी लेते पुलिस अफसर
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ग्वालियर हाईवे पर रोहता स्थित पीएस गार्डन के सामने इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में वारदात करने वाले बदमाश मंकी कैप, हेलमेट और ग्लब्स पहने थे। बदमाश कुल 5694810 रुपये ले गए। बदमाशों ने कैश रखने के लिए बैग डिप्टी मैनेजर विवेक यादव का लिया। इसके बाद काउंटर पर रखी उनकी जैकेट भी ले गई। एक बदमाश बोला, यह बढ़िया है, महंगी लग रही है, दूसरे ने उसे उठा लिया।
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आगरा बैंक डकैती कांड: घटनास्थल पर जांच करते पुलिस अधिकारी
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डिप्टी मैनेजर ने बताया कि स्ट्रांग रूम दो चाबियों से खुलता है। एक चाबी टेबल पर रखी थी, जबकि दूसरी कैश काउंटर पर थीं। दोनों चाबियों को लेने के बाद गेट खोल दिया। दूसरे बदमाश ने बैंक में ही रखे विवेक के बैग में स्ट्रांग रूम के अंदर से 500 रुपये के नोट की तीन गड्डी रख लीं। इसके बाद दस रुपये के सिक्के रख लिए। 20 और 50 के नाए नोट की गड्डी छोड़ दीं। इसके बाद कैश काउंटर से तकरीबन 41 लाख रुपये बैग में भर लिए।