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पत्नी-बेटी सहित बुलियन व्यापारी की मौतः नोटबंदी में लगा था 18 करोड़ का जुर्माना
Fri, 03 Jan 2020 09:54 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 03 Jan 2020 09:54 AM IST
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नीरज अग्रवाल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये के सोना खरीदने के मामले के पर्याप्त साक्ष्य देने में विफल रहे आरएस बुलियन के मालिक नीरज अग्रवाल पर वाणिज्यकर विभाग ने 18 करोड़ की पेनल्टी लगाई थी। इसको लेकर भी नीरज परेशान था। वहीं, व्यापार में हिस्सेदारी रखने वाले लोग भी अधिकारियों पर दबाव बनाए हुए थे।
पोस्टमार्टम गृह पर नीरज के परिचित
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के दौरान कालेधन को सफेद करने का अवैध कारोबार ने खूब जोर पकड़ा था। बुलियन कारोबारी पर आरोप था कि उसने मोटी धनराशि को ठिकाने लगाने के लिए सोना खरीदा। जब सोना खरीदा तो कुछ लोग उसके साथ शामिल थे। बाद में इन्हीं लोगों ने इसकी शिकायतें भी की थी।
इसी कार में बुलियन कारोबारी ने पत्नी बच्चों को गोली मारी
- फोटो : अमर उजाला
व्यापार कर विभाग ने जब व्यापारी से सोना खरीदने संबंधी व्यापारी से नियमानुसार साक्ष्य मांगे तो वह उन्हें नहीं दिखा पाया। इसके आधार पर वाणिज्य कर विभाग ने व्यापारी पर लगभग 18 करोड़ की पेनल्टी लगाई थी। तमाम नोटिस आदि देने बाद जब व्यापारी पेनल्टी नहीं दे पाया तो उसने पेनल्टी वसूलने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को लिखा। आखिर तक व्यापारी वाणिज्यकर विभाग की पेनल्टी नहीं चुका सका।
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नीरज का घर
- फोटो : अमर उजाला
शिकायत मिलने पर व्यापार कर विभाग की टीम ने नीरज अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर भी छापा मारा था। बाद में इसे सील कर दिया। अगस्त 2018 में व्यापार कर विभाग ने इन्हें खोला और इनमें मौजूद हार्ड डिस्क और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच हुई। इसमें वाणिज्यकर विभाग को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं थीं।
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एसपी सिटी अशोक मीणा
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के दौरान आरएस बुलियन की एक शिकायत के बाद मामला प्रकाश में आया। इस शिकायत में कहा गया था कि उसके नाम से आरएस बुलियन ने एक लाख 24 हजार के कई फर्जी बिल काटे हैं। इस शिकायत में यह भी कहा गया था कि उक्त फर्म ने बैंकों में कुछ खातों के माध्यम से भी गड़बड़ी की हैं। शिकायतकर्ता ने कोर्ट में भी शिकायत की थी। इसके बाद जांच में पता लगा कि आरएस बुलियन कारोबारी की नोटबंदी से पहले फर्म का टर्न ओवर महज कुछ करोड़ था नोटबंदी के दौरान अचानक फर्म का टर्न ओवर 100 करोड़ पार कर गया था। इस मामले में जब वाणिज्यकर विभाग की विशेष जांच हुई जांच में मामला पकड़ में आया।