अयोध्या में सरयू में डूबने से आगरा के शास्त्रीपुरम के आढ़ती अशोक गोयल के परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई। हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। हर किसी के दिल को झकझोर दिया है। रविवार सुबह तीन घरों से सात शव उठते ही करुण क्रंदन गूंज उठा। चारों तरफ चीत्कार गूंज उठी। हर आंख नम हो गई। शवों को ताजगंज शमशान घाट ले जाया गया। छह की चिताएं एक साथ जलीं, जबकि चार साल की दृष्टि को दफनाया गया।
सिकंदरा क्षेत्र के शास्त्रीपुरम स्थित ए ब्लॉक निवासी आढ़ती अशोक गोयल परिवार के 15 लोगों के साथ अयोध्या गए थे। बारिश में पैर फिसलने की वजह से 14 लोग सरयू नदी में डूब गए थे। इनमें से पांच को बचा लिया गया, जबकि नौ की मौत हो गई थी।
सरयू में डूबीं जिंदगियां: सात शव पहुंचे आगरा, मचा कोहराम, पिता को तलाश रहीं थीं बेटियों की आंखें...
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अयोध्या हादसा: मृतकों के फाइल फोटो
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शनिवार शाम को अशोक गोयल सहित परिवार के लोग वापस आ गए थे। रात तकरीबन पौने दो बजे मृतक राजकुमारी (61), ललित (40), पंकज (25), प्रियांशी उर्फ परी (16) के शव अशोक गोयल के घर लाए गए, जबकि अशोक की बेटी सीता उर्फ दामिनी (35) और धेवती दृष्टि (4) के शव सिकंदरा स्थित घर ले जाए गए। वहीं अशोक की दूसरी धेवती श्रुती (20) का शव नामनेर स्थित अपने घर ले जाया गया।
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अयोध्या हादसा : रोते-बिलखते मृतकों के परिजन
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शवों के पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। रविवार सुबह आठ बजे शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। इस दौरान परिवार के लोग रो-रोकर बेहाल हो गए। उन्हें रिश्तेदार और पड़ोसियों ने किसी तरह संभाला। दस बजे अंतिम संस्कार किया गया।
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आगरा: विद्युत शवदाह गृह पर रखे शव
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ललित, राजकुमारी और परी का अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह में किया गया। राजकुमारी को मुखाग्नि अशोक गोयल ने दी, जबकि पिता ललित और चाचा पंकज को ढाई साल के मासूम कृष्णा ने मुखाग्नि दी। परी को मुखाग्नि भाई नमन ने दी। सीता को मुखाग्नि सचिन ने दी। दृष्टि को दफनाया गया। वहीं श्रुति को पिता देवेंद्र कुमार ने मुखाग्नि दी।
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आगरा: मोक्षधाम पर जलतीं चिताएं
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मां जूली और बेटे सार्थक का अयोध्या में अंतिम संस्कार
नामनेर निवासी देवेंद्र की पत्नी जूली और बेटे सार्थक के शव बाद में मिले थे। रविवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार के करीबी पुरुषोत्तम सिंह वर्मा ने बताया कि जूली और सार्थक के शवों का अंतिम संस्कार देवेंद्र के भाई राजीव गर्ग अयोध्या में देर शाम किया।