अपराजिता: तेजाबी हमला भी नहीं डिगा सका हौसला, पढ़ें इन बहादुर बेटियों के संघर्ष की कहानी
मैंने ठाना और नए सिरे से जिंदगी शुरू की- रुकैय्या
रामबाग की रहने वाली रुकैय्या का अपनी बहन के यहां अलीगढ़ जाना उनकी जिंदगी के लिए नासूर बन गया है। बहन के देवर ने रुकैय्या पर शादी करने के लिए काफी दबाव बनाया। जब किसी भी तरह से बात नहीं बनी, तो उसने रुकैया पर तेजाब फेंक दिया और फरार हो गया। काफी दिनों तक इलाज चलने के बाद वह सदमे रहीं। रुकैया कहती हैं कि मैंने ठान लिया था कि एक बार फिर नए सिरे से जिंदगी शुरू करूंगी। आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हूं।
हताशा के अंधेरे से जीत ली जंग- मधु कश्यप
कई दिनों से परेशान कर रहे युवक विकास ने कॉलेज जाते समय मधु के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। मधु ने प्रस्ताव यह कहकर ठुकरा दिया कि वो दूसरी जाति से है। इसलिए परिवार के लोग इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करेंगे। इस पर विकास ने मधु के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। काफी परेशानी के बाद मधु ने फिर से हिम्मत दिखाई और घर से बाहर निकली। मधु कहती हैं कि उन्हें बेचारा सुनना पसंद नहीं है। इसलिए उन्होंने जॉब करने की ठानी। आज मैं अपने को सुरक्षित महसूस कर रही हूं।
मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली और इन दिनों शीरोज में नौकरी कर रहीं खुशबू देवी के पिता उनके चेहरे पर तेजाब फेंककर फरार हो गए। चीखपुकार के बाद कमरे में पहुंचे उनके पति झुलसा चेहरा देखकर घबरा गए। जब तक खुशबू को चिकित्सक के पास ले जाया गया, तब तक उनका चेहरा काफी हद तक झुलस चुका था। खुशबू का कहना है कि उनके पिता को इस बात का डर सताता रहता था कि कहीं मैं उनके गंदे चरित्र की करतूतों का पर्दाफाश न कर दूं। इसलिए उन्होंने ऐसा कदम उठा लिया, जिसने मेरी हंसती-खेलती जिंदगी को काफी नुकसान पहुंचा।
शीरोज में काम करने वाली रूपा की सौतेली मां ने रात को सोते समय तेजाब फेंक दिया। चीखपुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जब तक रूपा इलाज के लिए पहुंची, तब तक उनका चेहरा पूरी तरह से जल चुका है। रूपा बताती हैं कि तेजाब फेंकने से पहले उनकी सौतेली मां ने उन्हें तीन बार जहर देकर मारने की कोशिश भी की थी। उन्होंने बताया कि मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि सौतेली मां मेरे साथ खौफनाक वारदात कर सकती है। लेकिन मैं आज अपने पैरों पर खड़ी हूं।