आगरा जोन के 1.30 लाख अपराधी ऑपरेशन पहचान के तहत तैयार एप और साफ्टवेयर के दायरे में आ गए हैं। मोबाइल पर एक क्लिक पर बीट सिपाही से लेकर पुलिस अधिकारी को अपराधी को पूरा ब्योरा मिल रहा है। आगरा की बात करें तो 25 हजार अपराधियों का ब्योरा फीड किया जा चुका है। एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने एक साल पहले ऑपरेशन पहचान एप तैयार कराया था। इसमें दस साल के दौरान हुए अपराध में शामिल आरोपियों का ब्योरा फीड किया गया है। यह डाटा आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज में अपराध करने वालों का है। इनमें वर्ष 2010 से 15 श्रेणी के अपराध अपहरण, हत्या, लूट, डकैती, चौरी, शराब तस्करी, वाहन चोरी, नकबजनी आदि के अपराधी शामिल हैं। एप की मदद से यह भी पता चल रहा है कि किस इलाके में कितने अपराधी निवास कर रहे हैं, जिससे पुलिस को और अलर्ट किया जा सके। अपराध में पुरानों के साथ ही नए लोग भी आ रहे हैं।
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ऑपरेशन पहचान: हाईटेक पुलसिंग का नया हथियार, एक क्लिक और निकल आएगी 1.30 लाख अपराधियों की कुंडली
Mon, 08 Aug 2022 11:52 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
आशीष शर्मा, आगरा
आशीष शर्मा, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 08 Aug 2022 11:52 AM IST
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आगरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा पुलिस की गाड़ी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
- एप की खासियत
- एप एडीजी जोन से लेकर एसएसपी, एसपी, सीओ, निरीक्षक, बीट सिपाही के मोबाइल में डाउनलोड है। हर किसी की अपनी आईडी बनी है।- इसमें हर श्रेणी के अलग-अलग बांटा गया है। अगर, पुलिस को लूट के आरोपियों के बारे में पता करना है तो वह संबंधित विकल्प चुन और खोज सकते हैं।
- यह पता चल जाएगा कि एक सरगना के साथी कौन हैं। वह कहां रहते हैं, कब जेल से जमानत पर छूटकर आए हैं। उनके जमानतदार कौन हैं। परिवार के सदस्य कौन हैं। यह सब जानकारी मिलेगी।
- पहचान एप में पकड़े गए अपराधी का नाम और पता डालते ही उसके बारे में जानकारी आ जाएगी। वह पहले कब और कौन से अपराध में कहां पकड़ा गया, यह भी पता चल जाएगा।
- बीट सिपाही सत्यापन करने आरोपी के घर पर जाएंगे तो पूरा ब्योरा दर्ज करेंगे। बीट सिपाही यह सही दर्ज कर रहे हैं, यह भी अधिकारियों को पता चलता रहेगा। वह मौके पर गए हैं, या नहीं यह भी पता चल जाता है।
आगरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में सबसे ज्यादा 25 हजार अभियुक्त
ऑपरेशन पहचान एप में जोन के 1.30 लाख अभियुक्तों का डाटा फीड किया गया है। इनमें आगरा के ही 25 हजार अभियुक्त हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर अलीगढ़ और तीसरे नंबर पर मथुरा है।
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अपराध (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
हॉट स्पॉट और क्रिमिनल स्पॉट की जानकारी
एप की मदद से यह भी पता चल रहा है कि किस इलाके में कितने अपराधी निवास कर रहे हैं, जिससे पुलिस को और अलर्ट किया जा सके। वहीं अपराध वाले स्थान कौन से हैं? किस तरह का अपराध हो रहा है, इसकी भी जानकारी मिल रही है।
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एडीजी राजीव कृष्ण
- फोटो : ANI
गतिविधियां बढ़ीं
अपराध में पुरानों के साथ ही नए लोग भी आ रहे हैं। ऐसे में ऑपरेशन पहचान एप मददगार साबित हो रहा है। बीट सिपाहियों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। अब तक 1.30 लाख अपराधियों का डाटा फीड किया जा चुका है। इनका सत्यापन भी लगभग पूरा हो चुका है।राजीव कृष्ण, एडीजी जोन