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Agra Suicide Case: माता-पिता और बहन की अर्थी देख बिलख पड़ा श्याम, मां हो गईं बेहोश
Fri, 08 Jul 2022 12:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 08 Jul 2022 12:08 AM IST
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Agra Suicide Case
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 10 (सिकंदरा) में सोनू शर्मा, उसकी पत्नी गीता देवी और बेटी सृष्टि ने मंगलवार रात फांसी लगा ली थी। बृहस्पतिवार को तीनों की अर्थियां उठीं तो मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। वहीं अकेला बचा 10 साल का श्याम बिलख पड़ा। सोनू की मां कांता बेहोश हो गईं। विद्युत शवदाह गृह में तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मृतकों के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निकली फांसी
श्याम ने पुलिस को बताया था कि मंगलवार रात को पापा ने खाना नहीं खाया था। मां-बहन और उसने रात करीब नौ बजे खाना खाया। 11 बजे सो गया था। सुबह नींद खुली तो सभी को फंदे में लटके देखा। सिकंदरा थाने के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सैनी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी है। गीता देवी और सृष्टि के पेट में अधपचा खाना था। डॉक्टर के अनुसार, खाना पचने में तीन से चार घंटे का समय लगता है। इससे लगता है कि मंगलवार रात ही फांसी लगाई गई।
सामूहिक आत्महत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
दंपती ने बेटे के सोने का इंतजार किया
बेटा श्याम खुदकुशी के लिए तैयार नहीं हुआ था। सुसाइड नोट में भी यह बात लिखी है। इस वजह से दंपती ने उसके सो जाने का इंतजार किया। उसके सोने के बाद तीनों फंदे पर लटक गए। पुलिस का कयास है कि पहले बेटी और पिता फंदे पर लटके। इसके बाद गीता देवी ने फांसी लगाई। उनका शव कुछ फीट की दूरी पर था।
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बेटे-बहू और नातिन की मौत पर बिलखती मां
- फोटो : अमर उजाला
गुमसुम है श्याम, पढ़ना चाहती थी सृष्टि
मां, पिता और बहन की मौत के बाद से श्याम गुमसुम है। वह कभी भी रोने लगता है। घर पर आने वाले हर किसी को देखता है। अचानक रोने लगता है। दादी से लिपट जाता है। वह उसे संभाल रही हैं। परिजन ने बताया कि सृष्टि पढ़ना चाहती थी। वह आए दिन मां-पापा से बोलती थी कि उसे स्कूल जाना है। कापी में कुछ न कुछ लिखती रहती थी। स्कूल नहीं जाती थी लेकिन पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करती थी। भाई से उसका इस बात को लेकर झगड़ा होता था कि वह उसकी किताब-कॉपी ले लेता था। उन पर कुछ लिख देता था। मगर, आठ दिन से बहन ने उससे झगड़ा बंद कर दिया था। बोलती थी कि पढ़ लिखकर कुछ बनना है।
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मृतका की बहन से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला