कोख के सौदागर गैंग के मास्टरमाइंड डॉ. विष्णुकांत और उसकी पत्नी अस्मिता अब तक आगरा पुलिस की पकड़ से दूर हैं। दोनों की तलाश में पुलिस बेंगलुरु गई थी। उससे पहले वे ठिकाना बदल चुके थे। वहां से पुलिस खाली हाथ लौट आई है। अब पुलिस उनकी नई लोकेशन का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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स्थानीय सरगना नीलम
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फतेहाबाद क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने 19 जून को कोख के सौदागर गैंग की फरीदाबाद की नीलम, रूबी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गैंग नेपाल में बच्चों को बेचने का काम कर रहा था।
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कोख के सौदागर: अस्मिता, राहुल, नीलम (क्रमश:)
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कोख के सौदागर गैंग डॉ. विष्णुकांत और उसकी पत्नी अस्मिता गिरोह चलाते हैं। गैंग के सदस्य आनंद राहुल सारस्वत के दिल्ली से पकड़े जाने पर पता चला कि दोनों बंगलूरू में है। डॉ. विष्णुकांत का क्लीनिक नोएडा में था। अस्मिता नेपाल की है।
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सरगना अस्मिता
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विष्णुकांत मूलरूप से बेंगलुरु का है। गिरोह के सदस्य पकड़े जाने के बाद अस्मिता को लेकर बेंगलुरु चला गया था। पुलिस उन बच्चों का भी पता नहीं कर पाई है जो इस गिरोह ने बेचे हैं। लोकेशन का पता लगने के बाद एक महीने तक पुलिस बंगलूरू नहीं गई। इस बीच उन्होंने ठिकाना बदल लिया।
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सिलीगुड़ी से पकड़े जा चुके हैं अस्मिता के एजेंट
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सीओ फतेहाबाद विकास जायसवाल ने बताया कि विष्णुकांत की गिरफ्तारी को पुलिस की टीम फ्लाइट से गई थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही विष्णुकांत ने ठिकाना बदल लिया। उनके मददगारों के बारे में पड़ताल की जा रही है। दोबारा से टीम को बंगलूरू भेजा जाएगा।