आगरा के थाना ताजगंज के गांव धांधूपुरा से बारातियों को लेकर कागारौल के गांव लौरई जा रही बस के हाईटेंशन लाइन से छू जाने के बाद धमाका हुआ। यह टायर फट जाने से हुआ था। इसके बाद आग लग गई। बस में लगभग 100 बराती थे। करंट और आग के बीच लोग फंस गए। इससे चीखपुकार मच गई। जान बचाने के लिए कोई दरवाजे से बाहर आया तो कोई खिड़की से कूद गया।
प्रत्यक्षदर्शी नहना ने बताया कि वह बस में सवार था। डबल डेकर बस थी। रास्ते में एक बाइक वाला बस के सामने आ गया। इस पर चालक ने बस को थोड़ा सा मोड़ दिया। वहां पर हाईटेंशन लाइन के तार लटके हुए थे। बस तारों से छू गई। इससे बस में करंट दौड़ गया। कुछ ही देर में बस के टायर तेज धमाके के साथ फट गए। इसके बाद आग लग गई। लपटों के बीच लोग घिर गए। चीखपुकार मचने पर आसपास के लोग आ गए। मगर, बस में करंट और आग लगी होने की वजह से कोई अंदर आने की हिम्मत नहीं कर सका।
हादसे के बाद अपनी गाड़ियों से आ रहे बराती पहुंच गए। वह झुलसे हुए परिवार के लोगों को अपने वाहनों से ही एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी लेकर आए। मगर, यहां पर इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस पर देहली गेट स्थित अस्पताल में ले गए। यहां पर दो लोगों की मौत हो गई। बरातियों से भरी बस में आग लग चुकी थी। लोग यूपी-100 को फोन किए जा रहे थे। थोड़ी देर में फोन रिसीव भी हो गया। कागारौल थाना से 30 मिनट से ज्यादा का रास्ता नहीं है।
गश्त की गाड़ियां तो और भी जल्दी आ सकती थीं। लेकिन पहुंची देरी से। नगला मृदंगा गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस तीन घंटे की देरी से आई। दमकल भी तभी पहुंची। एंबुलेंस को तो और भी समय लगा। इससे गुस्सा आ गया। लोगों ने गुस्से में पुलिस की जीप फूंक दी। पथराव भी किया। देर रात करीब डेढ़ बजे एक एंबुलेंस में भी तोड़फोड़ की गई।
जीप फुंके जाने के बाद ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। एसपी पश्चिमी अखिलेश नारायण और सीओ अछनेरा नम्रता श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस भी भेजी गई। एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में अलर्ट किया गया। डाक्टरों की टीम भेजी गई।लेकिन तब तक लोग भड़क चुके थे। रात डेढ़ बजे एक एंबुलेंस को देखकर उसमें तोड़फोड़ कर दी। लोगों ने कहा कि जब सभी घायलों को अस्पताल भेज दिया गया, तब एंबुलेंस का क्या करें?