डेस्टिनेशन मैरिज का हब बन चुकी ताजनगरी में शादियों की रौनक बढ़ाने के लिए तरह-तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। साज-सज्जा पर तो पैसा बहाया ही जा रहा है, इसके अलावा अच्छा खर्च कर विदेशी मेहमान भी बुलाए जा रहे हैं।हाई प्रोफाइल शादियों में विदेशी बालाएं अपनी कला का प्रदर्शन कर रही हैं। अतिथियों के आगमन से लेकर उनकी विदाई तक की रस्मों में बालाओं का रहना शादी की शान का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
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विदेश्ाी मेहमान
- फोटो : अमर उजाला
रूस, मिश्र, उज्बेकिस्तान और तजाकिस्तान से विदेशी मेहमान बुलाए जा रहे हैं। शादियों में आने वाले अतिथि इनके आथित्य से काफी प्रभावित होकर जा रहे हैं। दूसरे लोग भी अपने बेटे-बेटियों की शादी के लिए, इन विदेशी मेहमानों मौजूदगी के लिए वेडिंग प्लानर से संपर्क कर रहे हैं। इन्हें बुलाने में शादी के कुल बजट में पांच प्रतिशत तक की वृद्धि हो रही है। यह प्रोजेक्ट तीन से छह लाख रुपये तक का पड़ रहा है।
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विदेश्ाी मेहमान
- फोटो : अमर उजाला
ये मेहमान मंझे हुए कलाकार की तरह काम करते हैं। हिंदी फिल्मों की धुनों पर ठुमके लगाते हैं, नमस्ते जी कहकर अतिथियों का स्वागत करते हैं, वाद्य यंत्र पर देसी धुन निकालते हैं। थीम डिजायनर करन विज का कहना है कि शादियों को आकर्षक बनाने के विदेशी मेहमान जिस तरह से भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रस्तुतिकरण करते हैं, वह काफी लाजवाब होता है। यह कल्चर काफी तेजी से बढ़ रहा है। शादियों में शहनाई बजने का अलग महत्व है।
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विदेश्ाी मेहमान
- फोटो : अमर उजाला
ढोलों में लगी लाइट, ढोल पीटने के साथ ही अपना करतब दिखाना शुरू कर देती हैं। जिस तरह से यह युवतियां लय और ताल का ढोल के साथ समावेश करती हैं, तब यह एहसास होता है कि भारतीय संगीत के प्रति इन विदेशी युवतियों का काफी लगाव है। शादियों में विदेशी ऑरकेस्ट्रा भी इन दिनों प्रचलन में आ चुका है।
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विदेश्ाी मेहमान
- फोटो : अमर उजाला
विदेशी कलाकार होने के बाद भी भारतीय गानों पर जिस तरह से गिटार और पियानो बजाया जाता है, उससे सुनते ही अतिथियों के मुंह से सिर्फ वाह ही वाह निकलती है। अतिथियों को विदेशी मेहमानों का पेयजल देने का तरीका काफी पसंद आ रहा है। कमर से बांधकर अतिथियों को पेयजल देने का तरीका शादी की शान और रौनक को यादगार बनाने का काम कर रहा है।