आगरा में कैश कलेक्शन कंपनी ब्रिक्स इंडिया का कर्मचारी विवेक बोरे में 1.37 करोड़ रुपये लेकर फरार हुआ था। जिस बाइक की टंकी पर बोरा रखकर ले जाते उसका सीसीटीवी फुटेज मिला, पुलिस ने वह बाइक बरामद कर ली। आगरा फोर्ट स्टेशन के पास बाइक लावारिस मिली। बाइक विवेक की है। हालांकि आरोपी का पता नहीं चला है। पुलिस ने उसके परिजन को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
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Agra: सीसीटीवी में दिखा बोरे में 1.37 करोड़ रुपये ले जाने वाला कर्मचारी, लावारिस मिली बाइक, आरोपी बेसुराग
Thu, 29 Dec 2022 01:10 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 29 Dec 2022 01:10 PM IST
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आरोपी कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
सुल्तानपुरा निवासी विवेक कुमार चालक राजवीर सिंह, कर्मचारी पुष्पेंद्र, बाबी यादव और सुरक्षाकर्मी केशव और रामनिवास के साथ बैंक तक गया था। अन्य कर्मचारी बाहर रह गए। विवेक कैश का बक्सा लेकर बैंक के अंदर गया था। शाम साढ़े पांच बजे तक उसने कैश की रसीद कार्यालय में जमा नहीं कराई। मैनेजर शशिपाल यादव ने उसे फोन मिलाया तो उसका मोबाइल बंद था।
रुपयों से भरी बोरी को बाइक पर रखकर ले गया आरोपी (लाल घेरे में)
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी करने पर पता चला कि कैश जमा नहीं हुआ है। शाम को पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस ने कर्मचारी विवेक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। कैमरे में विवेक एक बाइक पर जाते हुए कैद है। बाइक की टंकी पर एक बोरा रखा था, उसमें कैश था। बक्सा विवेक ने बैंक में ही छोड़ दिया था।
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लाल घेरे में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी ने हेलमेट पहन रखा था। दोपहर करीब एक बजे वह बैंक से बाहर निकला था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से उसका पीछा किया। आगरा फोर्ट स्टेशन के पास बाइक लावारिस खड़ी मिली। बाइक उसने जिस जगह छोड़ी वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। इसलिए यह पता नहीं चल सका कि वह कितने बजे आगरा फोर्ट आया था। किसके साथ भागा। किस वाहन से गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विवेक ने पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार तो उसने अपना मोबाइल दोपहर 12 बजे ही बंद कर दिया था। अपनी बाइक पहले ही बैंक परिसर में खड़ी करके आया था। ताकि वहां से बाइक पर आराम से भाग सके। प्रतिदिन वही कैश जमा करने आता था। पिछले चार साल से नौकरी कर रहा था इसलिए अन्य कर्मचारियों को उसकी गतिविधि पर शक नहीं हुआ।