मैनपुरी जिले के औंछा क्षेत्र में गांव विक्रमपुर के पास लोअर गंग नहर (कानपुर ब्रांच) में गुरुवार की रात पटरी कटने से खंदी लग गई। रातभर नहर में लगी खंदी से पानी खेतों में पहुंच गया। लगभग 1200 बीघा फसल जलमग्न हो गई। इतना ही नहीं पानी गांव तक में घुस गया। अधिकारी दिनभर खंदी बंद कराने में जुटे रहे, लेकिन शुक्रवार देर शाम तक खंदी बंद नहीं हो पाई थी।
नहर की पटरी कटने से आया 'बर्बादी का सैलाब', 1200 बीघा फसल जलमग्न, घरों में घुसा पानी
शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीण जागे तब उनको खंदी लगने की जानकारी हुई। इन तीनों गांवों के किसानों की करीब 1200 बीघा धान, बाजरा, मक्का की फसल जलमग्न हो गई। करीब 12 मीटर की खंदी में रात भर पानी चलने से फसलें पूरी तरह डूब गईं। ग्रामीणों ने एसडीएम घिरोर को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीएम अनिल कुमार कटियार, सीओ कुरावली डीपी गौड, थानाध्यक्ष औंछा ओमप्रकाश सिंह सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। शाम तक नहर में लगी खंदी बंद करने की कोशिश में अधिकारी लगे रहे, लेकिन खंदी बंद नहीं हो सकी थी।
नहर में पानी का तेज बहाव होने के कारण खंदी से निकला पानी नहर किनारे बसे गांव विक्रमपुर, नीलकठपुर और नगला अंती तक पहुंच गया। गांव के बाहर बने कई घरों में नहर का पानी पहुंचने से ग्रामीणों को चिंता सताने लगी। एसडीएम ने ग्रामीणों से घरों से सामान निकालकर और जानवरों को सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा है।
जेसीबी भी हुई फेल
पानी का तेज बहाव देख एसडीएम ने खंदी बंद करने के लिए जेसीबी बुलवा ली। जेसीबी से खंदी बंद कराने की कोशिश की गई लेकिन पानी के तेज बहाव कें कारण खंदी बंद करने के लिए नहर किनारे डाली जा रही मिट्टी पानी के तेज बहाव के साथ बहती रही। एसडीएम ने बल्ली लगाकर बोरियों में मिट्टी भरकर खंदी बंद करने के आदेश दिए।
एसडीएम घिरोर अनिल कुमार कटियार ने कहा कि नहर में खंदी लगने की वजह क्या रही इसकी जांच कराई जाएगी। किसानों की फसलों में हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। नुकसान के आकलन और खंदी लगने के संबंध में पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।