हिंदू पंचाग के अनुसार मार्गशीर्ष माह की अमावस्या 4 दिसंबर, शनिवार को है। सनातन धर्म में शनैश्चरी अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन की जाने वाली पूजा, स्नान और दान आदि का पुण्य जीवन में प्राप्त होता है। साथ ही इस दिन पीपल की पूजा से जुड़े कुछ उपाय करके आप अपने जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।
Shani Amavasya 2021: शनैश्चरी अमावस्या पर पीपल से जुड़े करें ये 5 उपाय, खुल जाएंगे किस्मत के दरवाजे
जल अर्पित करें
गीता में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं-'अश्वत्थः सर्ववृक्षाणाम' अर्थात 'में सब वृक्षों में पीपल का वृक्ष हूँ' इस कथन में उन्होंने अपने आपको पीपल के वृक्ष के समान ही बताया है। इसलिए इस वृक्ष को धार्मिक क्षेत्र में श्रेष्ठदेव वृक्ष की पदवी मिली और इसका विधिवत पूजन आरंभ हुआ। शास्त्रों के अनुसार खासतौर पर शनैश्चरी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष को प्रणाम कर उसकी परिक्रमा करने से मानव की आयु लंबी होती है और जो व्यक्ति इसके वृक्ष पर जल अर्पित करता है उसके सभी पापों का अंत होकर स्वर्ग की प्राप्ति होती है।
पीपल का वृक्ष लगाएं
शनिदेव की पीड़ा को शांत करने लिए भी पीपल के वृक्ष की पूजा का विधान बताया गया है। धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन पीपल का वृक्ष रोपने से शनि ग्रह के दुष्प्रभावों से शांति मिलती है। हर व्यक्ति को अपने जीवन में पीपल का एक पेड़ तो अवश्य ही लगाना चाहिए। पीपल का पौधा लगाने वाले व्यक्ति को जीवन में किसी भी प्रकार संकट नहीं रहता है। इस पौधे को लगाने के बाद रविवार को छोड़कर नियमित रूप से जल भी अवश्य ही अर्पित करना चाहिए। जैसे-जैसे यह वृक्ष बढ़ेगा आपके घर में सुख-समृद्धि भी बढ़ती जाएगी। पीपल का पेड़ लगाने के बाद बड़े होने तक इसका पूरा ध्यान भी अवश्य ही रखना चाहिए, लेकिन ध्यान रहे कि पीपल को आप अपने घर से दूर लगाएं, घर पर पीपल की छाया नहीं पड़नी चाहिए।
शनैश्चरी अमावस्या के दिन यदि पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए तो यह चमत्कारी फल प्रदान करने वाला उपाय है। ऐसा करने से आर्थिक,शारीरिक और मानसिक परेशानियां दूर होती हैं। इस उपाय से जातक को सभी भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है।
यदि शनिदोष के कारण आपको तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो इस दिन स्न्नान करने के पश्चात सूर्योदय से पूर्व पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद शनिदेव से अपनी समस्याओं की मुक्ति के लिए प्रार्थना करें,कष्टों से मुक्ति मिलेगी।